Raipur Breaking: 40 किलो गांजे के साथ चार तस्कर गिरफ्तार, कोर्ट ने सुनाई 15 साल की सजा
छग
Raipur. रायपुर। रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में दिनांक 30 सितंबर 2024 को एक बड़े गांजा तस्करी प्रकरण का पर्दाफाश हुआ, जिसमें चार आरोपियों को 40 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया। यह मामला विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस. एक्ट) रायपुर के विशेष दांडिक प्रकरण क्रमांक 01/2025, अपराध क्रमांक 406/2024 में दर्ज है। आरोपियों के खिलाफ धारा 20(b)(ii)(C) एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही की गई और सभी को दोषसिद्ध कर 15 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,50,000 रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया। आरोपी हैं संतोष साहू, नीरज ताम्रकार, ईतवारी नागरची और तुलेश्वर साहू।
इनके खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा आरक्षी केन्द्र पुरानी बस्ती ने अभियोजन किया। अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू ने किया, जबकि आरोपियों के पक्ष में अलग-अलग अधिवक्ताओं ने पैरवी की। घटना के विवरण के अनुसार, उपनिरीक्षक गणेश राम साहू को मुखबिर से सूचना मिली कि एक ग्रे कलर के ईको वाहन क्र. सी.जी. 04/पी.पी. 9834 में चार व्यक्ति भारी मात्रा में अवैध गांजा लेकर राधास्वामी नगर, प्रकाश मेडिकल निर्माणाधीन मकान के सामने खड़े हैं। सूचना के अनुसार, गांजा बिक्री हेतु मण्डला ले जाने की योजना थी। इस सूचना पर आरक्षक सुनील शुक्ला और परदेशी राम कटारे सहित गवाहों के साथ घटना स्थल पर रेड कार्यवाही की गई। वाहन में बैठे आरोपियों की पहचान कर उन्हें धारा 50 एनडीपीएस एक्ट के तहत नोटिस जारी किया गया और तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बीच सीट के नीचे बनाए गए मोडीफाई चेंबर में 40 पैकेट गांजा बरामद किया गया।
जांच में पाया गया कि यह गांजा अवैध रूप से रखा गया था और तस्करी के लिए तैयार था। सभी चारों आरोपियों को 30 सितंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया और उन्हें जमानत पर रिहा किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत ने सबूतों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर सभी आरोपियों को दोषसिद्ध कर 15 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,50,000 रुपये का अर्थदण्ड लगाया। आरोपी अब न्यायिक अभिरक्षा में 30 सितंबर 2024 से 04 दिसंबर 2025 तक रहे हैं। यह प्रकरण एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985 के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में सामने आया, जो रायपुर पुलिस और पुरानी बस्ती थाना की सतर्कता और गुप्त सूचना तंत्र की कार्यकुशलता को दर्शाता है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में नशे और अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए जारी अभियान का हिस्सा है। इस प्रकरण से यह भी स्पष्ट होता है कि न केवल मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए लगातार निगरानी और गुप्त सूचना प्रणाली आवश्यक है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक कार्रवाई की सख्ती भी अपराधियों के लिए चेतावनी का संदेश देती है।