Raipur Breaking: डेढ़ साल पहले किए हत्या मामलें में पिता-पुत्र गिरफ्तार

छग

Update: 2025-09-23 16:56 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के खमतराई थाना क्षेत्र में जनवरी 2024 में हुई कान्ति साहू की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने मृतिका के पति डोमार सिंह साहू और पुत्र धरम राज साहू को गिरफ्तार किया, जिन्होंने हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया था। घटना की शुरुआत 29 जनवरी 2024 को हुई थी, जब थाना खमतराई में मृतिका कान्ति साहू (उम्र 44 वर्ष) के पति डोमार सिंह साहू के घर उरकुरा में हत्या का मामला दर्ज हुआ। मृतिका के शव का
पोस्टमार्टम
(पी.एम.) कराया गया, जिसमें चिकित्सकों ने यह पाया कि मृतिका के शरीर में 13 जगहों पर चोट के निशान हैं और उसकी मृत्यु गला दबाने पर दम घुटने से हुई थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 419/24, धारा 302 भादवि. पंजीबद्ध किया।
पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में घटनास्थल और आसपास के लोगों से विस्तृत पूछताछ शुरू की। मृतिका के पति और पुत्र बार-बार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करते रहे। संदेह के आधार पर पुलिस ने दोनों का डी.एन.ए. सैंपल लिया। सैंपल की जांच में डोमार सिंह साहू और धरम राज साहू के ब्लड सैम्पल के साथ मृतिका के नेल क्लिपिंग (लेफ्ट और राइट हैंड फिंगर नेल) का डीएनए मिलान किया गया। वैज्ञानिक अधिकारियों ने पुष्टि की कि दोनों आरोपियों का डीएनए मृतिका के नेल क्लिपिंग में पाया गया, जिससे यह साबित हुआ कि हत्या में पिता-पुत्र की भूमिका थी। इसके बाद पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें आरोपी पिता-पुत्र ने हत्या की स्वीकारोक्ति की। उन्होंने बताया कि आपसी घरेलू विवाद के कारण कान्ति साहू के साथ मारपीट की और गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी के फंदे में लटका दिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या और आत्महत्या को झूठा साबित करने के प्रयास के आधार पर कड़ी कार्रवाई की गई। आरोपी पिता डोमार सिंह साहू (उम्र 51 वर्ष, जागृति नगर उरकुरा) और पुत्र धरम राज साहू (उम्र 25 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया गया है। दोनों के विरुद्ध थाना खमतराई में धारा 302, 201 भादवि. के तहत मामला पंजीबद्ध है। थाना प्रभारी खमतराई ने बताया कि इस गिरफ्तारी के लिए सीनियर अधिकारियों के निर्देशन में टीम ने घटनास्थल, मृतिका के घर और आसपास के क्षेत्र में सर्वे, पूछताछ और तकनीकी जांच की। उन्होंने कहा कि डीएनए जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को पकड़कर हत्या का सच सामने लाया गया।
घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी, क्योंकि मृतिका की हत्या को प्रारंभ में आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया था। पुलिस की जांच और डीएनए टेस्ट की मदद से सत्य उजागर हुआ और आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मृतिका के परिवार और पड़ोसियों से विस्तृत जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के घरेलू विवाद और हिंसा के मामलों में तकनीकी जांच और साक्ष्य का महत्व अत्यधिक है। अब आरोपी पिता-पुत्र कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किए जाएंगे, और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में थाना खमतराई की टीम ने अपनी सक्रियता और विशेषज्ञता दिखाते हुए डेढ़ वर्ष पुराने मामले का समाधान किया। इस गिरफ्तारी के बाद रायपुर जिले में कानून व्यवस्था और पुलिस की तत्परता की मिसाल पेश हुई है।
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