Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर से सटे धरसींवा थाना क्षेत्र में धान खरीदी के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। ग्राम अकोली-2 (मांढर) निवासी किसान कमल नारायण वर्मा ने भिलाई निवासी तक्ष कुमार टंडन पर करीब 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। किसान का कहना है कि आरोपी ने धान खरीदने के नाम पर उससे लाखों रुपये का माल लिया और बाद में फर्जी चेक देकर फरार हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, कमल नारायण वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी तक्ष कुमार टंडन, जो भिलाई के तालपुरी क्षेत्र का रहने वाला है, 18 और 19 सितंबर 2025 को उसके गांव अकोली-2 आया था। उस दौरान उसने खुद को एक बड़ी एजेंसी से जुड़ा हुआ बताते हुए धान खरीदी का सौदा किया। तक्ष टंडन ने किसान से कुल 69,790 किलो धान खरीदा, जिसकी कीमत ₹15,33,082 तय हुई।
सौदा तय होने के बाद आरोपी ने राशि के भुगतान के लिए एचडीएफसी बैंक का चेक दिया। किसान ने भरोसा करते हुए चेक अपने खाते में जिला सहकारी बैंक, धरसींवा में जमा किया। लेकिन कुछ दिनों बाद बैंक से जानकारी मिली कि आरोपी के खाते में पर्याप्त रकम नहीं है और चेक बाउंस हो गया। जब किसान ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ मिला। इससे कमल वर्मा को ठगी का अंदेशा हुआ। उन्होंने आरोपी के बारे में पड़ताल की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि तक्ष टंडन ने आसपास के कई अन्य किसानों जिनमें मिनाल कश्यप, शुभाष वर्मा और मूलचंद साहू शामिल हैं — से भी इसी तरह धान खरीदा और उन्हें भी भुगतान नहीं किया।
इन किसानों का भी कहना है कि आरोपी ने पहले भरोसा जीतने के लिए छोटी-छोटी रकम समय पर दी, फिर बड़ी मात्रा में धान खरीदने के बाद धोखाधड़ी की। ग्रामीणों का आरोप है कि तक्ष टंडन ने योजनाबद्ध तरीके से पूरे इलाके में किसानों को ठगने की साजिश रची थी। धरसींवा थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला भिलाई नगर (जिला दुर्ग) क्षेत्र में अपराध क्रमांक 00/2025, धारा 318(4) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था। चूंकि धोखाधड़ी की वास्तविक घटना धरसींवा क्षेत्र में हुई थी, इसलिए केस को “असल नंबरी कायमी” के लिए धरसींवा थाने में स्थानांतरित किया गया है। पुलिस अब दस्तावेजों की जांच करते हुए आगे की विवेचना कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी तक्ष कुमार टंडन के खिलाफ कई अन्य शिकायतें भी दर्ज हो सकती हैं, क्योंकि उसने अन्य इलाकों में भी इसी तरह किसानों से धान खरीदी की थी। आरोपी की तलाश के लिए टीमों को भिलाई और रायपुर के संभावित ठिकानों पर भेजा गया है। किसान संगठनों ने इस घटना को “किसानों के साथ आर्थिक शोषण” करार देते हुए प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर ठगे गए किसानों को न्याय दिलाया जाए। किसानों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं, बल्कि खरीदी प्रणाली पर से उनका भरोसा भी उठ जाता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और चेक बाउंस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी होगी और अन्य पीड़ित किसानों से भी बयान लिए जाएंगे।