Raigarh. रायगढ़। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन आघात’ का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। रायगढ़ पुलिस द्वारा अवैध शराब और नशे के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के साथ जनजागरूकता अभियान को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम चारमार में ग्रामीणों ने नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। गांव में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक नुकसान पर चिंता जताई। साथ ही गांव को नशे से दूर रखने और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का सामूहिक संकल्प लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस द्वारा जिलेभर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस की ओर से अवैध शराब के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करने के साथ लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि नशे के खिलाफ अभियान केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
ग्राम चारमार में ग्रामीणों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम चारमार में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों ने नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान नशे से परिवारों में उत्पन्न होने वाली समस्याओं, आर्थिक नुकसान और सामाजिक वातावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को लेकर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने गांव में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और लोगों को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों ने संदेश दिया कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए पुलिस के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी आवश्यक है। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि गांव के बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए परिवार और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे। नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाकर ही स्वस्थ और सुरक्षित सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है।
नशे से परिवार और समाज दोनों को नुकसान
कार्यक्रम के दौरान घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ उसकी आर्थिक स्थिति को भी कमजोर कर सकती है। नशे के कारण परिवारों में तनाव, घरेलू विवाद और आर्थिक परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा नशे की स्थिति में सड़क दुर्घटनाओं और विभिन्न प्रकार के अपराधों की आशंका भी बढ़ जाती है। थाना प्रभारी ने बताया कि नशे का प्रभाव केवल उसका सेवन करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। इसका असर परिवार के अन्य सदस्यों और पूरे समाज पर भी पड़ता है। इसलिए नशे की समस्या से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा परिवारों में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
युवाओं को नशे से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
जागरूकता कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रखने के विषय पर विशेष चर्चा की गई। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया कि नशे की आदत व्यक्ति के भविष्य और पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि परिवार के सदस्य, अभिभावक और ग्रामीण मिलकर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए गांव में जागरूकता का वातावरण तैयार करना आवश्यक है। ग्रामीणों ने भी नशे के खिलाफ अभियान में अपनी सहभागिता निभाने की बात कही। उन्होंने गांव के लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए जागरूक करने तथा सामाजिक स्तर पर इस अभियान को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
पुलिस कार्रवाई के साथ जनभागीदारी पर जोर
रायगढ़ पुलिस का ऑपरेशन आघात अवैध शराब और नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ सामाजिक जागरूकता को भी महत्व दे रहा है। पुलिस का मानना है कि नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कानूनी कार्रवाई के साथ समाज का सहयोग आवश्यक है। ग्राम चारमार में ग्रामीणों द्वारा की गई पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त भागीदारी से नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने दिया संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की कार्रवाई से नहीं, बल्कि समाज की जागरूकता और जनभागीदारी से ही प्रभावी बन सकती है। उन्होंने ग्रामीणों के नशामुक्ति अभियान में आगे आने को सकारात्मक पहल बताया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि रायगढ़ पुलिस का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ आम नागरिकों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। ग्राम चारमार के ग्रामीणों की यह पहल नशे के खिलाफ सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश देती है।