Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के भाठागांव इलाके में शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब स्थानीय पार्षद अपने समर्थकों के साथ नव-निर्मित प्रीमियम अंग्रेजी शराब दुकान के उद्घाटन का विरोध करने पहुंच गए। पार्षद ने आबकारी विभाग पर जनभावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में पहले से ही एक देशी शराब भट्ठी संचालित है, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने नई शराब दुकान शुरू की, तो वे आंदोलन करेंगे और दुकान खुलने नहीं देंगे। चाहे इसके लिए उन्हें एफआईआर का सामना ही क्यों न करना पड़े। मिली जानकारी के अनुसार, भाठागांव क्षेत्र के नगर माता बिन्नी बाई स्कूल के समीप आबकारी विभाग द्वारा एक प्रीमियम अंग्रेजी शराब दुकान खोले जाने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस निर्णय का कड़ा विरोध किया है। पार्षद ने मौके पर कहा, “यहां पहले से ही देशी दारू की दुकान है, जिससे हर दिन स्कूल जाने वाले बच्चों और महिलाओं को परेशानी होती है। शराब पीकर झगड़ा करने, उत्पात मचाने जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं। अब प्रशासन एक और शराब दुकान खोलकर इस समस्या को और बढ़ा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
पार्षद ने बताया कि उन्होंने आबकारी विभाग और रायपुर कलेक्टर को पहले ही लिखित ज्ञापन देकर मौजूदा देशी शराब दुकान को बंद करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि इलाके में आए दिन शराबियों द्वारा उत्पात, सड़क पर विवाद और सार्वजनिक स्थानों पर असामाजिक गतिविधियां बढ़ गई हैं, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की। अब नई दुकान खोलने की तैयारी को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है। विरोध के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, महिलाएं और युवाओं ने भी पार्षद का समर्थन किया। सभी ने एक सुर में कहा कि भाठागांव एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां स्कूल, मंदिर और बाजार मौजूद हैं। ऐसे में शराब दुकान खोलना सामाजिक वातावरण को बिगाड़ने वाला कदम है। प्रदर्शन के दौरान पार्षद और नागरिकों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से तत्काल दुकान खोलने की प्रक्रिया को रोकने की मांग की। पार्षद ने चेतावनी दी कि अगर जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा, “हम शराब दुकान के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अगर हमारी बात नहीं सुनी गई तो जनांदोलन छेड़ेंगे। इस इलाके में महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, इसलिए हम चुप नहीं बैठेंगे।” सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने विरोध को देखते हुए दुकान के उद्घाटन को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। वहीं आबकारी विभाग का कहना है कि दुकान खोलने की प्रक्रिया राज्य सरकार की नीति के तहत है, और सभी नियमों के अनुसार ही लाइसेंस दिया गया है। फिलहाल, इलाके में इस विवाद को लेकर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। स्थानीय पुलिस ने भी स्थिति पर नजर रखी हुई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।