विभागीय जांच के दौरान कर्मचारी की मौत पर कार्रवाई होगी समाप्त

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Update: 2026-07-13 15:55 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब किसी कर्मचारी के खिलाफ चल रही विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई के दौरान उसकी मृत्यु हो जाती है तो ऐसी कार्रवाई तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके खिलाफ विभागीय जांच आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम-9 के तहत स्थिति स्पष्ट की है।

मृत्यु के बाद समाप्त मानी जाएगी विभागीय कार्रवाई
जारी आदेश में कहा गया है कि किसी सेवारत या सेवानिवृत्त शासकीय सेवक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई या विभागीय जांच चल रही हो और जांच के दौरान संबंधित कर्मचारी की मृत्यु हो जाए, तो उसके विरुद्ध चल रही सभी विभागीय कार्यवाही तत्काल समाप्त कर दी जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मृत्यु के बाद किसी कर्मचारी को विभागीय जांच में दोषी ठहराने या उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई करने का प्रावधान लागू नहीं होगा।

गबन और वित्तीय नुकसान के मामलों में भी राहत
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में गबन, शासकीय धनराशि की हानि या अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। आदेश के अनुसार, यदि किसी शासकीय कर्मचारी के खिलाफ सरकारी राशि के गबन, वित्तीय नुकसान की भरपाई या धनराशि वसूली को लेकर विभागीय जांच चल रही है और जांच के दौरान कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसी स्थिति में भी विभागीय जांच समाप्त मानी जाएगी। हालांकि, यदि कर्मचारी के जीवित रहते हुए ही नियमों के अनुसार सरकारी राशि की वसूली का आदेश या दंडादेश जारी हो चुका है, तो ऐसी स्थिति में उसके देय स्वत्वों से नियमानुसार राशि की वसूली की जा सकेगी।

पहले से पारित आदेशों पर लागू होंगे नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारी के जीवित रहते हुए यदि सक्षम अधिकारी द्वारा सरकारी राशि की वसूली या दंड संबंधी आदेश जारी किए जा चुके हैं, तो केवल कर्मचारी की मृत्यु के आधार पर वह आदेश समाप्त नहीं होगा। ऐसे मामलों में कर्मचारी को मिलने वाले भुगतान, पेंशन अथवा अन्य देय स्वत्वों से नियमानुसार राशि की कटौती की जा सकेगी।

कर्मचारियों में आदेश को लेकर चर्चा
सामान्य प्रशासन विभाग के इस आदेश के बाद प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है।
कर्मचारी संगठनों
का कहना है कि लंबे समय तक चलने वाली विभागीय जांच के दौरान कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को अनिश्चितता का सामना करना पड़ता था। नए आदेश से ऐसी स्थिति में स्पष्टता आएगी। वहीं प्रशासनिक स्तर पर माना जा रहा है कि यह आदेश विभागीय जांच की प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप संचालित करने में मदद करेगा। सरकार ने सभी विभागों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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