गांजा किंगपिन रवि साहू की 7.50 करोड़ की संपत्ति अटैच की तैयारी

छग

Update: 2026-04-25 16:29 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी में गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क के खिलाफ रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और गांजा किंगपिन रवि साहू के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए उसकी करीब 7.50 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। यह कार्रवाई SAFEMA (सफेमा) एक्ट के तहत की जा रही है। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने इस संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर सफेमा कोर्ट मुंबई को भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत रायपुर कमिश्नरेट में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसे अवैध नशे के नेटवर्क पर सीधी चोट के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, रवि साहू को प्रदेश का बड़ा गांजा तस्कर बताया जाता है। उसके खिलाफ रायपुर शहर के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट और गांजा तस्करी सहित कुल 55 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने अवैध कमाई से अपनी पत्नी, बेटे और मां के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्तियां अर्जित की हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रवि साहू ने गांजा तस्करी से लगभग 12 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की थी, जिसमें से 7.50 करोड़ रुपये की संपत्ति को चिन्हित कर अब सफेमा के तहत जब्ती की कार्रवाई की जा रही है। इन संपत्तियों में जमीन, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायिक संपत्तियां शामिल बताई जा रही हैं।
रवि साहू का नेटवर्क रायपुर शहर के कालीबाड़ी इलाके से संचालित होता था, जिसे वह अपने अवैध कारोबार का मुख्य केंद्र बनाए हुए था। इसी स्थान से प्रदेश के कई हिस्सों में मादक पदार्थों की सप्लाई की जाती थी। पुलिस ने कई बार उसके ठिकानों पर दबिश दी और उसके कई सहयोगियों को गिरफ्तार भी किया, लेकिन इसके बावजूद गांजा तस्करी का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो सका। बताया जाता है कि पुलिस कार्रवाई के कुछ समय बाद ही उसके सहयोगी फिर से सक्रिय होकर गांजा बिक्री शुरू कर देते थे। कालीबाड़ी क्षेत्र में रवि साहू ने अवैध कमाई के बल पर एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था, जिसमें जमीन, प्रॉपर्टी और व्यवसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।
फिलहाल रवि साहू एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में जेल में बंद है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि यह कार्रवाई नशे के कारोबार के खिलाफ एक निर्णायक कदम है, जिससे पूरे नेटवर्क पर प्रभाव पड़ेगा। डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि संपत्ति अटैचमेंट की कानूनी प्रक्रिया जारी है और जल्द ही इसे अमल में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य अवैध नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति को जब्त कर इस नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ना है।
इस कार्रवाई को रायपुर पुलिस की ड्रग्स के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी पहल माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इससे अन्य तस्करों पर भी सख्त संदेश जाएगा कि अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति अब सुरक्षित नहीं रहेगी। स्थानीय स्तर पर भी इस कार्रवाई की चर्चा तेज है और लोग इसे नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
Tags:    

Similar News