खरीफ सीजन की तैयारी तेज, 32 हजार टन से अधिक खाद का भंडारण

छग

Update: 2026-05-30 15:21 GMT
Mahasamund. महासमुंद। जिले में खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा खाद भंडारण और वितरण की प्रक्रिया लगातार जारी है। सहकारी समितियों और भंडारण केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध कराया गया है, जिससे खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आने लगी है। उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की सहकारी समितियों में कुल 24,225 टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। इसमें यूरिया 9,589 टन, डीएपी 4,128 टन, एमओपी 1,887 टन, एसएसपी 5,616 टन और एनपीके 3,005 टन शामिल है। वहीं जिला विपणन अधिकारी महासमुंद के भंडारण गृह में कुल 8,716 टन उर्वरकों का स्टॉक रखा गया है, जिसमें यूरिया 5,931 टन, डीएपी 572 टन, एमओपी 795 टन, एसएसपी 1,328 टन और एनपीके 90 टन शामिल हैं।

इस प्रकार जिले में कुल 32,941 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण उपलब्ध है। किसान सहकारी समितियों से खाद का उठाव कर खरीफ फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। कृषकों को पूरे खरीफ सीजन के दौरान सुचारू रूप से खाद उपलब्ध कराने के लिए भूमि के रकबे के आधार पर विशेष व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत 2.5 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को एकमुश्त खाद वितरण किया जाएगा। 2.5 से 5 एकड़ तक भूमि रखने वाले सीमांत किसानों को 20 दिनों के अंतराल पर दो किस्तों में खाद मिलेगी। वहीं बड़े किसानों को 20-20 दिनों के अंतराल पर तीन किस्तों में उर्वरकों का वितरण किया जाएगा। यह व्यवस्था सहकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में लागू रहेगी।

खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर बिक्री रोकने के लिए कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम लगातार निगरानी कर रही है। जिले में अनियमित रूप से यूरिया वितरण करने के मामलों में सख्त कार्रवाई भी की गई है। प्रशासन ने 26 निजी उर्वरक विक्रेताओं के उर्वरक प्राधिकार पत्र 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिए हैं। इसके अलावा चार निजी फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं तीन फर्मों के यहां पॉस मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाए जाने पर उर्वरक जब्ती की कार्रवाई की गई है। कृषि विभाग का कहना है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए लगातार निरीक्षण और निगरानी जारी रहेगी। प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अधिक मूल्य वसूली की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
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