डिजिटल जनगणना 2027 की तैयारी तेज, महासमुंद में शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन

छग

Update: 2026-04-24 13:05 GMT
Mahasamund. महासमुंद। भारत सरकार गृह मंत्रालय और जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ़ के निर्देशों के तहत देश में डिजिटल जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में किया जाएगा। इस प्रक्रिया के पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक संपादित किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों में आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। निर्देशों के अनुसार जनगणना कार्य के दौरान आम नागरिकों की आपत्तियों और शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए प्रत्येक जिले में शिकायत निवारण तंत्र का गठन अनिवार्य किया गया है। इसी क्रम में महासमुंद जिले में भी शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन किया गया है।

कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी विनय कुमार लंगेह ने इस प्रकोष्ठ का गठन करते हुए संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति की है। इस प्रकोष्ठ में अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं डिप्टी कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी मनोज कुमार खाण्डे को सदस्य नियुक्त किया गया है। इसके अलावा उप संचालक एवं अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी मधु साहू को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्रशासन द्वारा बताया गया कि यह प्रकोष्ठ जनगणना कार्य से जुड़ी सभी प्रकार की शिकायतों, आपत्तियों और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेगा।

इससे जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराया जाए और किसी भी नागरिक की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल जनगणना 2027 देश की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें सटीक और समय पर डेटा संग्रह आवश्यक है। प्रशासन का मानना है कि शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के गठन से जनगणना कार्य में आने वाली बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सकेगा और आम जनता को भी बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही यह व्यवस्था पूरे कार्य को अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनाएगी।
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