गर्भवती महिला की मौत: महतारी एक्सप्रेस में मेडिकल टीम की कमी उजागर

छग

Update: 2025-08-12 17:38 GMT
Kanker. कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही ने एक गर्भवती महिला की जान ले ली। मंगलवार को बड़ेपराली गांव की 30 वर्षीय आशो बाई उइके की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि महतारी एक्सप्रेस में मेडिकल टीम (एमटी) मौजूद नहीं थी, जिसके चलते समय पर इलाज नहीं मिल पाया। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि पूरे जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घर पर डिलीवरी के दौरान बिगड़ी हालत
मिली जानकारी के अनुसार, आशो बाई उइके को मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों और गांव की महिलाओं ने घर पर ही डिलीवरी कराने का निर्णय लिया। आशो बाई ने पहले बच्चे को जन्म दे दिया, लेकिन जुड़वां बच्चों में से दूसरे बच्चे की डिलीवरी नहीं हो पाई। इस बीच उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और हालत गंभीर हो गई। गांव वालों ने तत्काल महतारी एक्सप्रेस एम्बुलेंस को बुलाया, लेकिन वाहन में न तो डॉक्टर मौजूद था और न ही प्रशिक्षित मेडिकल टीम। ऐसे में परिजनों ने आशो बाई को जैसे-तैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव के आरएचओ डॉक्टर रत्नेश देशमुख ने बताया कि महिला को जब अस्पताल लाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर के अनुसार, "महिला की हालत गंभीर थी और उसे समय पर उचित चिकित्सकीय सहायता नहीं मिली, जिसके कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।"
मितानिन संघ की हड़ताल से बिगड़ी व्यवस्था
इस घटना का एक और बड़ा कारण पखांजुर क्षेत्र में चल रही मितानिन संघ की हड़ताल को भी माना जा रहा है। पिछले तीन दिनों से मितानिन तीन सूत्रीय मांगों को लेकर काम बंद कर चुके हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। आशो बाई के मामले में भी अगर प्रशिक्षित मितानिन या मेडिकल स्टाफ समय पर उपलब्ध होता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घटना के बाद बड़ेपराली और आसपास के गांवों में आक्रोश का माहौल है। उप सरपंच गणेश्वरि जायसवाल ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "स्वास्थ्य विभाग की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।" उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 40 गांव की जिम्मेदारी वाला बड़गांव अस्पताल लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। कुछ समय पहले यहां एक एमबीबीएस डॉक्टर की नियुक्ति हुई थी, लेकिन विभाग के अफसरों ने उन्हें अन्यत्र भेज दिया। इससे मरीजों को फिर से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीएमएचओ ने जांच के आदेश दिए
कांकेर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉक्टर आरसी ठाकुर ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, "गर्भवती महिला की मौत की जांच की जाएगी। साथ ही महतारी वाहन में मेडिकल टीम और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर पर बात की जा रही है।" सीएमएचओ ने यह भी बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव में पदस्थ एमबीबीएस डॉक्टर को जल्द से जल्द ड्यूटी में लौटने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी एक्सप्रेस’ योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। लेकिन इस घटना ने इसकी जमीनी हकीकत उजागर कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार वाहन समय पर नहीं पहुंचते और जब पहुंचते भी हैं तो उनमें प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं होता।
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