Raigarh. रायगढ़। जिले में महिलाओं और नाबालिगों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत कोतवाली पुलिस ने एक मामले में कार्रवाई की है। 12 वर्षीय नाबालिग से कथित तौर पर अश्लील इशारे करने के आरोप में पुलिस ने 35 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान भोलेनाथ कलेत के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 और पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 18 सितंबर को एक स्थानीय महिला ने थाना कोतवाली पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने पुलिस को बताया कि 17 सितंबर 2026 की रात करीब 9 बजे उसने अपनी 12 वर्षीय बेटी को घर के पीछे स्थित किराना दुकान में छोटे बच्चे के लिए पैंपर्स खरीदने भेजा था। आरोप है कि बच्ची जब किराना दुकान पहुंची तो दुकान संचालक भोलेनाथ कलेत ने उसके प्रति अश्लील इशारे किए। इससे बच्ची डर गई और बिना सामान लिए ही वहां से भागकर अपने घर पहुंची। परिजनों के मुताबिक बच्ची घर पहुंचने के बाद रो रही थी। मां ने उससे कारण पूछा तो उसने दुकान पर हुई कथित घटना की जानकारी दी।
बच्ची की बात सुनने के बाद महिला ने अपने पति और परिवार के अन्य सदस्यों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। परिवार में चर्चा और सलाह-मशविरा करने के बाद महिला ने कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस के मुताबिक महिला की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी भोलेनाथ कलेत के खिलाफ थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 519/2026 दर्ज किया गया। प्रकरण में बीएनएस की धारा 79 और पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसके घर पर दबिश दी। आरोपी को हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जहां मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी भोलेनाथ कलेत को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद करीब 24 घंटे के भीतर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई जिले में संचालित “अभियान संवेदना” के तहत की गई है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और नाबालिगों से संबंधित शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए उन पर त्वरित वैधानिक कार्रवाई करना है। पूरे मामले में पीड़ित नाबालिग की पहचान और उससे संबंधित व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी गई है। बच्चों से जुड़े यौन अपराध के मामलों में पीड़ित की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका रही। फिलहाल आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।