सुहागा जहरखुरानी कांड सुलझाने वाली पुलिस टीम सम्मानित

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Update: 2026-07-14 17:20 GMT
Baloda Bazar. बलौदाबाजार। जिले के बहुचर्चित पुराना खर्वे सुहागा (जहर) खुरानी कांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को सोमवार को विशेष सम्मान दिया गया। आठ ग्रामीणों की मौत के रहस्य से पर्दा उठाने और आरोपी तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाने वाले 26 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बलौदाबाजार पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा ने प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। एसपी ओपी शर्मा ने कसडोल पहुंचकर आयोजित सम्मान समारोह में पुलिस टीम के सदस्यों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद जटिल और संवेदनशील था, लेकिन पुलिस ने धैर्य, मेहनत और वैज्ञानिक तरीके से जांच करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और लगातार की गई विवेचना के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ा। इस कार्रवाई से आरोपी को कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जा सका और आम लोगों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत हुआ।

शराब में सुहागा मिलाकर आठ लोगों की मौत का आरोप
गौरतलब है कि ग्राम पुराना खर्वे में आठ ग्रामीणों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया था। परिजनों ने इन मौतों पर हत्या की आशंका जताई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कसडोल पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान ग्राम पुराना खर्वे निवासी रामसहाय जायसवाल पर आरोप लगा कि उसने पुरानी रंजिश के चलते ग्रामीणों को शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर पिला दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। मामले की सच्चाई तक पहुंचने के लिए पुलिस ने न्यायालय से अनुमति लेकर मृतकों के शवों को कब्र से बाहर निकलवाया। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया और वैज्ञानिक परीक्षण के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। जांच में मिले महत्वपूर्ण तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

वैज्ञानिक जांच बनी पुलिस कार्रवाई की अहम कड़ी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला सामान्य जांच से अलग था। घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों का सहारा लिया। जांच टीम ने एक-एक साक्ष्य को बारीकी से परखा और मामले की सभी कड़ियों को जोड़कर वास्तविकता सामने लाई। एसपी ओपी शर्मा ने कहा कि इस तरह के मामलों में पुलिस की जिम्मेदारी और चुनौती दोनों बढ़ जाती हैं। टीम ने पूरी निष्पक्षता के साथ जांच करते हुए उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य पुलिस बल के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और भविष्य में भी इसी तरह प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।

26 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों का हुआ सम्मान
सम्मानित होने वालों में उप पुलिस अधीक्षक कौशल किशोर वासनिक, कसडोल थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण भीम, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य, गिरौदपुरी चौकी प्रभारी अश्वनी पडवार सहित कुल 26 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने हत्याकांड की जांच, साक्ष्य जुटाने और आरोपी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सम्मान समारोह के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि टीम वर्क और बेहतर समन्वय के कारण इस कठिन मामले को सुलझाया जा सका। कार्यक्रम ने पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ाया और जिले में बेहतर पुलिसिंग का संदेश भी दिया। बलौदाबाजार पुलिस ने स्पष्ट किया कि अपराधों की रोकथाम और गंभीर मामलों में निष्पक्ष जांच के लिए आगे भी इसी तरह की प्रभावी कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
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