बेगूसराय से नाबालिग बालिका को बरामद कर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
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Raigarh. रायगढ़। जूटमिल थाना क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग बालिका को पुलिस ने बेगूसराय, बिहार से सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है। इस मामले में बालिका को भगा ले जाने वाले आरोपी दिलखुश दास (24 साल) को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
कैसे शुरू हुई जांच
1 अगस्त को बालिका के परिजनों ने जूटमिल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी 1 अगस्त की दोपहर को अपनी सहेली के घर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत के आधार पर थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 265/2025 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
आरोपी और बालिका की बातचीत का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस ने बालिका के परिजनों और सहेलियों से पूछताछ की, जिससे पता चला कि बालिका की दिलखुश दास से बातचीत होती थी। संदेही दिलखुश दास भी उसी समय से अपने घर से गायब था। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के निर्देश पर जूटमिल थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव ने एक टीम बनाकर तत्काल बिहार के लिए रवाना किया। पुलिस टीम ने बेगूसराय में छापेमारी कर आरोपी दिलखुश दास के कब्जे से बालिका को बरामद किया।
आरोपी ने बहला-फुसलाकर भगाया
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दिलखुश दास जूटमिल क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर टाइल्स का काम करता था। वह पिछले डेढ़ साल से बालिका से बातचीत कर उसे बहला-फुसला रहा था। 1 अगस्त को उसने बालिका को अपने साथ बस और फिर ट्रेन से बेगूसराय, बिहार ले जाकर भगा लिया था। पुलिस ने बालिका का बयान दर्ज कराया और उसका मेडिकल परीक्षण भी करवाया। इस मामले में धारा 87, 64 (2) (एम) BNS और 6 पॉक्सो एक्ट भी जोड़े गए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस पूरे ऑपरेशन में जूटमिल थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव, सहायक उप निरीक्षक शशिदेव भोय और महिला आरक्षक देव कुमारी भारते की महत्वपूर्ण भूमिका रही।