Durg. दुर्ग। यातायात नियमों की अनदेखी कर बिना नंबर, ब्लैक फिल्म और अनधिकृत मॉडिफिकेशन वाली कार चलाना एक चालक को महंगा पड़ गया। दुर्ग यातायात पुलिस ने सेंट्रल एवेन्यू मार्ग पर विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान कार को रोककर जांच की। चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के आवश्यक दस्तावेज भी नहीं मिले। यातायात पुलिस ने कार जब्त कर न्यायालय में पेश की, जहां विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालक को 16 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। दुर्ग यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन कराने के उद्देश्य से लगातार विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 24 अगस्त 2026 को शाम छह बजे से रात 12 बजे तक सेंट्रल एवेन्यू मार्ग पर वाहनों की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान यातायात पुलिस की टीम ने एक संदिग्ध कार को रोका।
कार की जांच करने पर वह बिना नंबर के संचालित होती मिली। वाहन के शीशों पर नियमों के विपरीत ब्लैक फिल्म लगी हुई थी। इसके साथ ही कार में कई प्रकार के मॉडिफिकेशन भी कराए गए थे। पुलिस ने चालक से वाहन में किए गए बदलावों के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय यानी आरटीओ से जारी अनुमति दिखाने को कहा, लेकिन चालक कोई अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। यातायात पुलिस की टीम ने चालक से उसका ड्राइविंग लाइसेंस और कार के पंजीयन सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे। जांच के दौरान चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध नहीं मिला। वह वाहन से संबंधित जरूरी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका। कार में अनधिकृत मॉडिफिकेशन, ब्लैक फिल्म और नंबर प्लेट नहीं होने के कारण यातायात पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने कार को मौके पर जब्त कर लिया और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए प्रकरण न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने बिना नंबर वाहन चलाने, शीशों पर ब्लैक फिल्म लगाने, अनधिकृत मॉडिफिकेशन कराने, वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने सहित विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन पर सुनवाई की। न्यायालय ने चालक को कुल 16 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। कार्रवाई के दौरान यातायात पुलिस ने वाहन के शीशों पर लगी ब्लैक फिल्म को भी हटवाया। चालक को भविष्य में यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं करने की समझाइश दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीयन नंबर के वाहन चलाना, नियमों के खिलाफ ब्लैक फिल्म का उपयोग करना और बिना आरटीओ की अनुमति के वाहन के मूल स्वरूप में बदलाव करना दंडनीय है।
यातायात पुलिस के मुताबिक, वाहनों में अनधिकृत मॉडिफिकेशन से न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि सड़क पर दूसरे लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। काले शीशों के कारण वाहन के अंदर स्पष्ट रूप से देखना संभव नहीं होता। इसी तरह बिना नंबर के चलने वाले वाहनों की किसी दुर्घटना या आपराधिक गतिविधि की स्थिति में पहचान करना मुश्किल हो सकता है। इस कार्रवाई में दुर्ग यातायात पुलिस की विशेष चेकिंग टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने वाहन की जांच करते हुए नियमों के उल्लंघन का परीक्षण किया और नियमानुसार कार को जब्त कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। यातायात पुलिस ने कहा है कि जिले के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर इस प्रकार के जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे।