Bilaspur. बिलासपुर। जिले की कोटा पुलिस ने सशस्त्र हथियारों के साथ लूट और नकबजनी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, सोने के आभूषण, वारदात में इस्तेमाल वाहन और मोबाइल सहित शत-प्रतिशत माल बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नशा और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
मामले की शुरुआत 8 जुलाई 2026 को हुई थी। बेलगहना रेलवे स्टेशन से कलेक्शन राशि लेकर जा रहे रेलवे कर्मचारी के साथ सलका डैम के पास बड़े बराबर मोड़ पर लूट की घटना हुई थी। अज्ञात आरोपियों ने कर्मचारी का बैग छीन लिया था और धक्का देकर गिरा दिया था। इस मामले में थाना कोटा में अपराध क्रमांक 559/2026 धारा 304(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इसके बाद 18 जुलाई 2026 को कोटा क्षेत्र में एक और बड़ी वारदात हुई। आरोपियों ने बुर्का पहनकर राजकुमारी जायसवाल के घर में प्रवेश किया और मारपीट करते हुए एयरगन दिखाकर सोने के जेवरात लूट लिए थे। इस मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 591/2026 धारा 332(बी), 309(6), 310(2), 317(5) बीएनएस और 25,27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया था।
दोनों मामलों की जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसडीओपी कोटा नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए राकेश जायसवाल (35 वर्ष), दिव्यांशु जायसवाल (24 वर्ष), आदर्श तिवारी (26 वर्ष), हर्ष नामदेव (25 वर्ष), हर्ष सोनी (24 वर्ष) और सनी सिंह (35 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड राकेश जायसवाल था। उसने अपने साथी दिव्यांशु और आदर्श के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी सनी सिंह से पिस्टल ली गई थी। जांच में यह भी पता चला कि पिस्टल लेने के लिए आरोपियों को रीवा ले जाया गया था, जहां से हथियार उपलब्ध कराया गया। इसके बाद आरोपियों ने योजना बनाकर दोनों घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, लूटे गए सोने के आभूषणों को बेचने में हर्ष नामदेव ने मदद की। उसने सोने के सामान को हर्ष सोनी की ज्वेलरी दुकान में बेचकर रकम हासिल की थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, सोने के आभूषण, घटना में प्रयुक्त आर्टिका कार क्रमांक CG-10-BL-1645, एक मोटरसाइकिल प्लेटिना क्रमांक CG-10-EN-4637 और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक शिव कुमार साहू, भरत राठौर, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव सहित थाना कोटा की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम के बेहतर कार्य की सराहना करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को नगद इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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