पेट्रोल पंप मैनेजर ने 12.50 लाख रुपये का गबन किया, दो बाउंस चेक के बाद FIR दर्ज

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Update: 2025-09-24 18:15 GMT
Ambikapur. अंबिकापुर। अंबिकापुर के सकालो में संचालित ‘कतराज फ्यूल्स’ पेट्रोल पंप में मैनेजर ने 12 लाख 50 हजार रुपये का गबन कर दिया। यह खुलासा तब हुआ जब पेट्रोल पंप संचालक ने खातों की जांच की। पूछताछ में मैनेजर राजेश कुमार गुप्ता ने गबन की बात स्वीकार की। आरोपी ने संचालक को रकम लौटाने का आश्वासन दिया और गारंटी के तौर पर दो चेक सौंपे, लेकिन दोनों बाउंस हो गए। इसके बाद संचालक की शिकायत पर गांधीनगर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, गुदरी चौक निवासी अरुणेंद्र प्रताप सिंह का ‘कतराज फ्यूल्स’ नाम का पेट्रोल पंप सकालो में संचालित है। पंप में राजेश कुमार गुप्ता (38 वर्ष), गंगापुर निवासी, मार्च 2020 से मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। मैनेजर के पद पर रहते हुए वह पेट्रोल पंप के सभी खातों और लेनदेन का प्रभार संभालते थे। संचालक ने पूरी जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी थी और उन पर भरोसा किया। 20 जून 2025 को पंप के खातों की जांच के दौरान पता चला कि लगभग 12.50 लाख रुपये का कोई हिसाब नहीं है। इस पर संचालक ने मैनेजर से पूछताछ की। पूछताछ में राजेश ने गबन की बात स्वीकार की और माफी मांगी। उसने आश्वासन दिया कि जल्द ही राशि वापस कर देगा। इसके साथ ही उसने 9 लाख रुपये और 3.50 लाख रुपये के दो चेक संचालक को गारंटी के रूप में दिए।
हालांकि, तय समय सीमा तक राजेश ने राशि वापस नहीं की। इसके बाद संचालक ने दोनों चेक बैंक में जमा किए, लेकिन दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद राजेश कुमार गुप्ता फरार हो गया और पेट्रोल पंप से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने साथ ले गया। संचालक अरुणेंद्र प्रताप सिंह ने मामले की रिपोर्ट गांधीनगर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने रिपोर्ट पर धारा 316(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी इस मामले में राजेश की तलाश कर रहे हैं और उसकी गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि इस तरह के मामलों में समय रहते कार्रवाई और गबन करने वाले आरोपी को पकड़ना महत्वपूर्ण होता है। अधिकारियों ने कहा कि राजेश कुमार गुप्ता ने न केवल आर्थिक धोखाधड़ी की है बल्कि पेट्रोल पंप के महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर फरार हो जाना मामले को गंभीर बना देता है। स्थानीय लोग इस घटना से हैरान हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय में भरोसे के साथ जिम्मेदारी सौंपना आम बात है, लेकिन इस तरह के गबन से व्यवसाय और कर्मचारियों दोनों की प्रतिष्ठा पर असर पड़ता है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित गिरफ्तारी आवश्यक है।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई ऐसे धोखाधड़ी के मामलों की सूचना पाए तो तुरंत थाने में रिपोर्ट करें। उन्होंने कहा कि गबन और धोखाधड़ी के मामलों में सूचना और सबूत समय पर मिलने से अपराधी को पकड़ना आसान होता है। इस मामले ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भरोसे और जिम्मेदारी का दुरुपयोग करना कानून के लिए गंभीर अपराध है। पुलिस ने कहा कि राजेश कुमार गुप्ता के खिलाफ जांच जारी है और उसके सभी ठिकानों की तलाश की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की भी छानबीन की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि गबन और धोखाधड़ी में और कौन शामिल था। यह कार्रवाई व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी उदाहरण बनेगी। संचालक ने कहा कि वह पुलिस कार्रवाई में पूरा सहयोग कर रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने कहा कि गबन और धोखाधड़ी के मामले में सख्त कार्रवाई कानून की प्राथमिकता है और अपराधी के खिलाफ कोई रियायत नहीं की जाएगी।
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