पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ के उद्बोधन में लिया हिस्सा

छग

Update: 2025-09-28 14:55 GMT
Kawardha. कवर्धा। छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने आज सनातन संस्कार समिति द्वारा पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम, कवर्धा में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर प्रखर राष्ट्रवादी विचारक एवं ओजस्वी वक्ता पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ ने उपस्थित नागरिकों को भारत की सनातन परंपरा और सांस्कृतिक गौरव पर आधारित प्रेरक उद्बोधन दिया।


पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ का उद्बोधन: संस्कृति और राष्ट्रगौरव
कार्यक्रम में पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ ने भारत की सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा और संस्कृति केवल धार्मिक या सामाजिक धरोहर नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए कर्तव्य और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उनके विचारों ने उपस्थित नागरिकों को सजग और जागरूक रहने की प्रेरणा दी। कुलश्रेष्ठ ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रवादी दृष्टिकोण अपनाना केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज में सकारात्मक योगदान और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार में होना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों को संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रगौरव को अपने जीवन में प्रतिदिन निभाने की सलाह दी।

विधायक भावना बोहरा की सहभागिता और संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ के उद्बोधन को सराहा और कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में राष्ट्रवादी चेतना और सांस्कृतिक जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे भारत की सनातन परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और सशक्त बनाए रखने के लिए सक्रिय रूप से योगदान दें। विधायक बोहरा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल युवा पीढ़ी में संस्कृति और राष्ट्रगौरव की भावना बढ़ती है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलती है।

कार्यक्रम का स्वरूप और आयोजन
सनातन संस्कार समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कवर्धा के विभिन्न हिस्सों से नागरिक, विद्यार्थी और समाजसेवी उपस्थित थे। कार्यक्रम में भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को उजागर करने वाले सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और विचार विमर्श भी आयोजित किए गए। उपस्थित लोगों ने पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ के प्रेरक विचारों और भाषण को अत्यंत सराहा। उनके उद्बोधन ने यह संदेश दिया कि भारत की परंपरा, संस्कृति और गौरव को बनाए रखना हर भारतीय का कर्तव्य है।
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