नावापारा में कार स्टंट मामले में मालिक पर 37 हजार का जुर्माना

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Update: 2026-02-17 16:24 GMT
Ambikapur. अंबिकापुर। अंबिकापुर के नावापारा इलाके में रविवार दोपहर को तीन नाबालिगों द्वारा कार में स्टंट करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कार मालिक जितेंद्र सोनी पर 37,000 रुपए का जुर्माना लगाया। घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र की है, जहां तीन नाबालिग कार में जानलेवा स्टंट कर रहे थे। मौके पर मिली जानकारी के अनुसार, एक नाबालिग कार की बोनट पर लेटा हुआ था, दूसरा कार चला रहा था, और तीसरा खिड़की से बाहर लटककर स्टंट कर रहा था। स्थानीय लोगों ने यह स्थिति देख कर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत नाबालिगों को हिरासत में लिया और उनके परिजनों को थाने तलब किया। घटना स्थल से एमजी हेक्टर कार (सीजी 15 ईई 5665) को भी जब्त किया गया।

जांच के दौरान यह पाया गया कि वाहन को नाबालिग चला रहा था। उसके साथ दो अन्य नाबालिग सवार थे। पुलिस ने वाहन के स्वामी जितेंद्र सोनी से मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 133 के तहत वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा, लेकिन वह कोई वैध कागजात नहीं दिखा सके। इसके बाद वाहन को जब्त कर लिया गया। इस मामले में नाबालिग चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 4/181 और 184 के तहत मामला दर्ज किया गया। वहीं वाहन मालिक पर नाबालिग को कार उपलब्ध कराने के लिए धारा 199(ए) और 5/180 के तहत भी अपराध पंजीबद्ध किया गया। जुर्माना मौके पर जमा न होने के कारण कार मालिक को न्यायालय में पेश किया गया, जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लव रघुवंशी ने 37,000 रुपए का जुर्माना लगाया। इसके अलावा पुलिस ने उसके ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस प्रकार के स्टंट न केवल नाबालिगों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी खतरनाक हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर नजर रखें और उन्हें ऐसे खतरनाक खेलों से रोकें। गांधीनगर थाना प्रभारी ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस द्वारा सतत निगरानी रखी जाएगी और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने शहर में नाबालिगों की सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर चेतावनी का संदेश दिया है। अधिकारियों ने कहा कि वाहन मालिकों को नाबालिगों को वाहन उपलब्ध कराने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए, वरना कानूनी कार्रवाई के दायरे में आना तय है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि यदि समय रहते नाबालिगों और उनके अभिभावकों को नहीं रोका गया होता तो गंभीर हादसे हो सकते थे। इस प्रकार, नावापारा में हुई इस घटना ने नाबालिगों की सुरक्षा, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन और वाहन मालिकों की जिम्मेदारी पर पुनः ध्यान आकर्षित किया है।
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