Raigarh. रायगढ़। जिले में चल रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत जुआ-सट्टा कारोबार पर पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के प्रभाव से एक और बड़ा सट्टा खाईवाल एजाज खान ने कोतवाली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में अवैध जुआ-सट्टा गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पहले भी दो बड़े खाईवाल पप्पू बरेठ और शहनवाज उर्फ सानू द्वारा सरेंडर किया जा चुका है। अब सानू का करीबी और नेटवर्क से जुड़ा एजाज खान भी पुलिस दबाव के चलते सामने आया।
मामले की शुरुआत 31 मार्च को हुई थी, जब मुखबिर सूचना पर कोतवाली पुलिस ने बापूनगर निवासी नरेंद्र दीप को सट्टा पट्टी लिखते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। उसके पास से मोबाइल फोन, 2070 रुपये नगद और सट्टा पट्टी बरामद की गई थी। पूछताछ में नरेंद्र दीप ने खुलासा किया कि वह कमीशन पर सट्टा लिखता था और इसके पीछे खाईवाल शहनवाज उर्फ सानू तथा एजाज खान का नेटवर्क काम कर रहा था। इसके आधार पर पुलिस ने जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत अपराध क्रमांक 174/2026 दर्ज किया और नरेंद्र दीप सहित शहनवाज उर्फ सानू और एजाज खान को आरोपी बनाया। जहां एक आरोपी पहले ही रिमांड पर भेजा जा चुका था, वहीं दो बड़े खाईवाल फरार थे।
लगातार दबिश और पुलिस की सख्त कार्रवाई के चलते पहले शहनवाज उर्फ सानू ने सरेंडर किया और अब एजाज खान ने भी कोतवाली पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल सट्टा लिखने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क और मास्टरमाइंड खाईवालों पर सीधी कार्रवाई की जा रही है। इससे अवैध सट्टा कारोबार में शामिल लोगों में भय का माहौल है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन एवं पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जुआ और सट्टा जैसे अवैध कारोबार समाज के लिए गंभीर अपराध हैं और इनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों को या तो सरेंडर करना होगा या फिर कठोर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।