नागपुर तक फैला ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट ध्वस्त, मास्टरमाइंड सहित 9 गिरफ्तार
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Bhilai. भिलाई। दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। थाना छावनी पुलिस की तकनीकी निगरानी और रणनीतिक कार्रवाई के आधार पर नागपुर में संचालित एक बड़े ऑनलाइन सट्टा सेंटर पर छापा मारकर मुख्य मास्टरमाइंड सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह कई राज्यों में फैले नेटवर्क के जरिए लंबे समय से ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग का अवैध कारोबार चला रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन भिलाई निवासी निशांत कुमार गुप्ता (29 वर्ष), गणेश चौक, कैम्प-2 द्वारा किया जा रहा था। आरोपी लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलकर ऑनलाइन सट्टे का संचालन कर रहा था। वह “C-B क्रिकेट बज बेटिंग ऐप” और “रूबीबेट” जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध सट्टा नेटवर्क चला रहा था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए महाराष्ट्र के नागपुर में किराए का मकान लेकर वहां एक नया संचालन केंद्र स्थापित किया था। यहां उसने उत्तर प्रदेश और बिहार के युवकों को जोड़कर एक संगठित टीम बनाई। इन युवकों को वेतन देकर डिपॉजिट, विड्रॉल, आईडी मैनेजमेंट और तकनीकी कामों में लगाया गया था। नागपुर स्थित इस सेंटर से पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था।
दुर्ग पुलिस की विशेष टीम ने नागपुर में दबिश देकर 8 सहयोगियों को रंगे हाथों ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए पकड़ा। इस कार्रवाई के साथ मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस तरह कुल 9 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह प्रतिदिन लगभग 4 से 5 लाख रुपये का लेन-देन करता था। इस आधार पर हर महीने लगभग 1.50 करोड़ रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन किया जा रहा था। पुलिस अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध कमाई किन-किन खातों और लोगों तक पहुंचाई जा रही थी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सट्टे की कमाई को छिपाने और ट्रांसफर करने के लिए फर्जी बैंक खाते, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम कार्ड का उपयोग किया जा रहा था। रकम को कई स्तरों पर ट्रांसफर कर असली लाभार्थियों की पहचान छिपाई जाती थी। पुलिस का मानना है कि यह एक सुनियोजित और तकनीकी रूप से संचालित संगठित अपराध नेटवर्क है। मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता ने अवैध कमाई से महंगे आभूषण भी खरीदे थे। पुलिस ने भिलाई स्थित एक ज्वेलरी प्रतिष्ठान से लगभग 15 तोला सोना और डायमंड मिश्रित आभूषण जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 23 लाख रुपये बताई गई है।
इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज भी जब्त किए हैं। इनमें 26 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, 45 सिम कार्ड, 19 पावर बैंक, 19 एक्सटेंशन बोर्ड, 2 चेकबुक, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज शामिल हैं। साथ ही 1.54 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। थाना छावनी में आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा टेलीकॉम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य राज्यों के लिंक और फाइनेंशियल ट्रेल की गहन जांच कर रही है। दुर्ग पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।