एशिया कप भारत-पाकिस्तान मैच में आनलाइन सट्टेबाजी का भंडाफोड़, 4 सट्टेबाज गिरफ्तार
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Bhilai. भिलाई। दुर्ग पुलिस ने एशिया कप के भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान आनलाइन सट्टेबाजी में संलिप्त गिरोह का पर्दाफाश किया और 4 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 32,500/- रुपये नगदी और सट्टेबाजी में इस्तेमाल हुए 4 मोबाइल, जिनकी कुल कीमत लगभग 2,50,000/- रुपये थी, जब्त की है। मोबाइलों में लाखों रूपये के सट्टेबाजी संबंधी हिसाब-किताब भी पुलिस को प्राप्त हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपी अनिल सिंह साही उर्फ झमरू, मयंक गावड़े, सत्यम साहू और निखिल साहू जयंती स्टेडियम सिविक सेंटर में बैठकर uncle.Betg एप्लिकेशन के माध्यम से आनलाइन सट्टेबाजी कर रहे थे। सट्टा बाजार का भाव देखने के लिए वे लाइन गुरू एप्लिकेशन का उपयोग कर रहे थे।
आरोपीगण ने पूछताछ में बताया कि यह प्लेटफॉर्म उन्हें दुर्ग निवासी हर्ष देवांगन, रवि सोनकर और भुनेश्वर चंद्राकर से प्राप्त हुआ था। पुलिस ने बताया कि आरोपीगण संगठित गिरोह के रूप में अपराध कर रहे थे। उनके खिलाफ थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 495/2025, धारा छ.ग. जुआ प्रतिबंध अधिनियम 2022 की धारा 6, 7 और धारा 112 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। धारा 112 को जोड़ने का कारण यह था कि आरोपीगण ने संगठित तरीके से जुआ सट्टा किया। घटना की पृष्ठभूमि के अनुसार, पुलिस ने अभियान के तहत मुखबीर से सूचना प्राप्त होने के बाद 22 सितंबर को कार्रवाई की। सूचना थी कि जयंती स्टेडियम सिविक सेंटर में 4 व्यक्ति ऑनलाइन सट्टेबाजी कर रहे हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया।
अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई:
अनिल सिंह साही उर्फ झमरू, पिता स्व. हरजीत सिंह, उम्र 32 वर्ष, रूआंबांधा बस्ती, जयस्तंभ चैक, गुप्ता होटल के पास भिलाई।
मयंक गावड़े, पिता बाबूराव गावड़े, उम्र 32 वर्ष, सेक्टर 05, सड़क 26, क्वार्टर 05ए, भिलाई।
सत्यम साहू, पिता ए.के. साहू, उम्र 24 वर्ष, मकान नंबर 49एफ, रिसाली सेक्टर, थाना नेवई।
निखिल साहू, पिता कुशल साहू, उम्र 22 वर्ष, रूआंबांधा यादव चैक, संदीप किराना स्टोर के पीछे, भिलाई नगर।
पुलिस ने आरोपीगण के मोबाइल जप्त कर उनके सट्टेबाजी के ट्रांजैक्शन और हिसाब-किताब की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने किस-किस के साथ मिलकर ऑनलाइन जुआ सट्टा किया और कितने लोगों को इस गिरोह से फायदा या नुकसान हुआ। पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के माध्यम से लाखों रूपये का लेन-देन मोबाइल एप्स के माध्यम से किया गया। आरोपीगण ने इसे क्रीकेट मैच के दौरान संचालित किया, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। इस गिरोह के संचालन से खेल प्रेमियों और आम जनता के बीच अवैध जुआ और सट्टेबाजी का माहौल बन गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई सट्टेबाजी और जुआ पर नकेल कसने की दिशा में अहम कदम है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी तरह के अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी एप्स और प्लेटफॉर्म से दूर रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।