साइन लैंग्वेज डे पर बच्चों के लिए खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
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Durg. दुर्ग। शासन के निर्देशानुसार रजत जयंती महोत्सव के अंतर्गत आज साइन लैंग्वेज डे के अवसर पर दुर्ग जिले में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जवाहर नगर स्थित ब्राइट मूकबधिर एवं मंदबुद्धि विद्यालय में अध्ययनरत लगभग 100 छात्र-छात्राओं के लिए खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य मूकबधिर एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना, उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना और समाज में समावेशन की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ हुई। विद्यालय परिसर में रंगोली प्रतियोगिता, कुर्सी दौड़, दौड़ सहित विभिन्न खेलकूद गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह और उमंग देखते ही बन रही थी। शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें पूरे मनोयोग से गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। खेलकूद के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से गीत, भाव-प्रदर्शन और लघु प्रस्तुतियां दीं।
इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी अपनी अभिव्यक्ति और प्रतिभा के दम पर समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतीक चिन्ह एवं सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और आत्मसंतोष स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सहभागिता और प्रोत्साहन को बढ़ावा देना रहा, ताकि हर बच्चा स्वयं को सम्मानित और प्रेरित महसूस कर सके। इस अवसर पर नगर पालिक निगम दुर्ग के लोक कर्म विभाग प्रभारी एवं पार्षद ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन और प्रशासन विशेष बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक ने साइन लैंग्वेज डे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सांकेतिक भाषा मूकबधिर व्यक्तियों के लिए संवाद का सशक्त माध्यम है और इसके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि वे विशेष बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। विद्यालय के प्राचार्य ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास में सहायक होते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाने की बात कही। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एवं नगर निगम के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संपूर्ण आयोजन उत्साह, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ।