दिवाली पर मोहल्लेवासियों ने गाय की प्रसव पीड़ा में मदद की, बछिया का सफल जन्म

छग

Update: 2025-10-19 18:33 GMT
Kondagaon. कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में छोटी दिवाली की तैयारियों के बीच विकास नगर मोहल्ले के निवासियों ने मानवता और सेवा भाव का अद्वितीय उदाहरण पेश किया। मोहल्ले की सड़क पर एक गाय प्रसव पीड़ा में तड़प रही थी, और बछिया का आधा हिस्सा बाहर निकल चुका था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि प्रसव रुक गया था और गाय के लिए तत्काल मदद की आवश्यकता थी। स्थानीय लोग अपने घरों में दीयों की सजावट और दिवाली की तैयारियों में लगे थे, लेकिन जब उन्होंने गाय की दयनीय स्थिति देखी, तो उन्होंने अपनी तैयारियों को स्थगित कर तुरंत उसकी मदद के लिए कदम बढ़ाए। कुछ लोगों ने पानी, साफ कपड़े और जरूरी सामग्री लाकर सहायता की, वहीं कुछ निवासियों ने तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाने की व्यवस्था की।
सूचना मिलने पर पशु चिकित्सक डॉ. नीता मिश्रा और उनकी टीम मौके पर पहुंची। मोहल्लेवासियों के सहयोग से गाय की डिलीवरी प्रक्रिया शुरू की गई। उनकी सतर्कता और कुशलता के कारण प्रसव सफल रहा और एक स्वस्थ बछिया का जन्म हुआ। मोहल्ले के लोग यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गाय और उसका नवजात बछिया सुरक्षित और स्वस्थ रहें। उन्हें मोहल्ले के एक घर में रखा गया है, जहां बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी मिलकर उनकी देखभाल कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार की प्रसिद्धि पाना नहीं है, बल्कि यह संदेश देना है कि पशुपालक अपने मवेशियों को सड़कों पर अकेला न छोड़ें। उनका कहना है कि सड़क पर बेसहारा पशु न केवल खुद जोखिम में होते हैं, बल्कि यह सड़क दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकता है।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले इसी इलाके में एक वाहन की चपेट में आने से लगभग आधा दर्जन पशु घायल हो गए थे। इसके अलावा, कुछ समय पहले भी इसी क्षेत्र में एक अन्य गाय ने सड़क पर ही बछड़े को जन्म दिया था, जिसे स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों और अन्य खतरे से बचाया था। यह घटना इस बात का संकेत है कि मोहल्लेवासी पशुओं के प्रति संवेदनशील हैं और उनके जीवन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। पशु चिकित्सक डॉ. नीता मिश्रा ने बताया कि जब उन्हें सूचना मिली, तो उन्होंने अपनी दिवाली पूजा छोड़कर तुरंत मौके पर पहुंचना सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा, “इससे बड़ी सेवा और कुछ नहीं हो सकती। पड़ोसियों के सेवा भाव की जितनी भी सराहना की जाए, वह कम है। उनका यह प्रयास मानवता और पशु प्रेम की मिसाल है।” स्थानीय निवासियों ने बताया कि बछिया का जन्म सफल होने के बाद पूरे मोहल्ले में खुशी की लहर फैल गई। सभी बच्चे और बुजुर्ग गाय और बछिया की देखभाल में जुट गए। इसके अलावा, मोहल्ले के लोग लगातार यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गाय और बछिया को पर्याप्त भोजन, पानी और सुरक्षा मिले।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि पशुपालन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पशुओं की सुरक्षा के लिए सामुदायिक प्रयास आवश्यक हैं। सड़क पर अकेले पशु छोड़ने से केवल उनका जीवन खतरे में नहीं पड़ता, बल्कि यह आसपास के लोगों और वाहन चालकों के लिए भी जोखिम पैदा करता है। इस घटना ने मोहल्ले के लोगों में एकता और सेवा भाव को भी मजबूती दी है। दिवाली जैसे त्योहार पर, जब अधिकांश लोग अपनी खुशियों में व्यस्त थे, उन्होंने दूसरों की, यहां तक कि पशु जीवन की भी चिंता की और तुरंत सहायता के लिए कदम बढ़ाए। पशु चिकित्सक और स्थानीय निवासियों के संयुक्त प्रयास से गाय और बछिया दोनों स्वस्थ हैं। मोहल्लेवासियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि बछिया का पालन-पोषण सही ढंग से हो और कोई भी बाहरी खतरा उन्हें प्रभावित न कर सके। यह पूरी घटना मानवता, सेवा भाव और पशुपालन के प्रति जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है।
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