डॉग रेस्क्यू संस्था के खिलाफ अब तक दर्ज नहीं हुई FIR

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Update: 2026-03-02 10:21 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में डॉग रेस्क्यू करने वाली एक संस्था को खुली छूट देकर रखने का मामला है, जिससे संस्था के लोग किसी भी व्यक्ति पर हमला कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें कोई सज़ा नहीं मिलती। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के भांटागांव चौक से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें 4 महीने की गर्भवती गुरप्रीत कौर गिल का आरोप है कि संस्था की किरण आहूजा अपने साथियों के साथ उसके ऊपर मारपीट कर मोबाइल और कुत्ता चोरी कर ले गई। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उसे अब तक कोई न्याय नहीं मिला।


महिला का कहना है कि वह लगातार 4 दिनों से थाना में 5–5 घंटे न्याय की गुहार लगा रही है, फिर भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इससे स्पष्ट है कि पुलिस डॉग रेस्क्यू संस्था को मारपीट और चोरी जैसे कृत्यों के लिए संरक्षण दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की खुले संरक्षण वाली स्थिति राजधानी में किसी भी बड़े अपराध को जन्म दे सकती है। घटना की जिम्मेदारी पूरी तरह पुलिस कमिश्नरेट पर होगी। स्थानीय नागरिकों में इस मामले को लेकर भारी चिंता है। पुलिस के गैर-सक्रिय रवैये से लोगों में सुरक्षा को लेकर भय बना हुआ है। केंद्रीय कानून विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पुलिस किसी संस्था को बिना जांच के खुली छूट देती है, तो यह कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारिक जांच और तत्काल FIR दर्ज करने की आवश्यकता है।
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