छत्तीसगढ़ विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 17 जुलाई को होगी चर्चा

छग

Update: 2026-07-14 09:12 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विपक्षी कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए कहा कि इस पर सत्र के अंतिम दिन 17 जुलाई को चर्चा कराई जाएगी। राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा में यह 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले भी विपक्ष की ओर से 9 बार सरकारों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं, लेकिन हर बार संबंधित सरकारें सदन में अपना बहुमत साबित करने में सफल रही हैं।

अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरकार को घेरता है विपक्ष
अविश्वास प्रस्ताव का उद्देश्य केवल सरकार गिराना नहीं होता, बल्कि इसके जरिए विपक्ष सरकार के कामकाज पर सवाल उठाता है। विधानसभा में इस दौरान विपक्ष सरकार की नीतियों, फैसलों और प्रशासनिक व्यवस्था पर आरोप लगाता है। वहीं सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों, योजनाओं और विकास कार्यों का पक्ष रखता है। दोनों पक्षों की बहस के बाद मतदान कराया जाता है। यदि सरकार के पक्ष में बहुमत रहता है तो अविश्वास प्रस्ताव स्वत: खारिज हो जाता है।

कांग्रेस इन मुद्दों पर करेगी सरकार पर हमला
इस बार कांग्रेस ने सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दों को आधार बनाया है। विपक्ष नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई, प्रदेश की कानून व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मामलों को लेकर सरकार पर निशाना साधने की तैयारी में है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में कई जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार विफल रही है। अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा के दौरान पार्टी इन मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाएगी।

भाजपा गिनाएगी अपनी उपलब्धियां
वहीं सत्ता पक्ष भाजपा सरकार अपनी योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक उपलब्धियों के आधार पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार ने जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम किया है और प्रदेश में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

विधानसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत
छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्तमान संख्या बल भाजपा के पक्ष में है। विधानसभा में भाजपा के 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 35 सदस्य हैं। इसके अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का एक विधायक है। बहुमत के लिहाज से भाजपा सरकार मजबूत स्थिति में है। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव के मतदान में सरकार को बहुमत साबित करने में मुश्किल आने की संभावना नहीं है।

17 जुलाई को होगी सियासी बहस
अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा को लेकर विधानसभा का माहौल गरमाने के आसार हैं। विपक्ष जहां सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएगा, वहीं सत्ता पक्ष जवाब देकर अपनी उपलब्धियां सामने रखेगा। राजनीतिक नजरिए से भी यह चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें प्रदेश के कई बड़े मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने होंगे। 17 जुलाई को होने वाली बहस के दौरान दोनों दलों के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
Tags:    

Similar News