फांसी चढ़ा दें या गर्दन काट दें, बोले अमित बघेल - नहीं मागूंगा माफी

Update: 2025-10-29 08:49 GMT

Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने पर अमित बघेल के खिलाफ रायपुर के सिटी कोतवाली पुलिस ने FIR दर्ज की है। अमित बघेल छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख हैं।

अमित बघेल ने कहा था कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अग्रसेन महाराज की मूर्ति क्यों नहीं टूटती है। उन्होंने हमारी छत्तीसगढ़ी महतारी के गर्दन को काटकर अपमान किया है। अमित बघेल की इसी आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद प्रदेशभर में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज भड़क उठा। रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में समाज के लोगों ने विरोध जताते हुए FIR दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद 28 अक्टूबर की रात को सिटी कोतवाली पुलिस ने FIR दर्ज की।

नहीं मागूंगा माफी - अमित बघेल 

 FIR होने के बाद अमित बघेल ने कहा, चाहे सरकार मुझे फांसी में चढ़ा दें या गर्दन काट दें लेकिन मैं माफ़ी नहीं मागूंगा। अपने बयान पर कायम हूँ। छत्तीसगढ़ प्रदेश का अपमान नहीं सहेंगे। छत्तीसगढ़ को बेइज्जत करने नहीं देंगे।  छग राज्य छग के मूल निवासियों के लिए या यहां के महान दिवगंत नेताओं को अपमानित करने नहीं बनाया गया। हम छत्तीसगढ़ियाँ अपने एजेंडे में कायम है और रहेंगे। छत्तीसगढ़ी महतारी की घोर अपमान परदेशियों द्वारा किए जाना अपमान है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से एक दिन पहले, 31 अक्टूबर को शहर बंद रहेगा। यह बंद जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने घोषित किया है। पार्टी ने तेलीबांधा चौक पर लगी छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा खंडित करने की घटना का विरोध जताते हुए महाबंद की घोषणा की है।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने प्रेसवार्ता में बताया कि बीते दिनों तेलीबांधा के वीआईपी रोड स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की विशालकाय मूर्ति को अज्ञात तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। यह घटना दिनदहाड़े हुई, परंतु प्रशासन ने इसे जनता से छिपाने की कोशिश की, जिससे संदेह गहराता जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि यह घटना छत्तीसगढ़ की अस्मिता और संस्कृति पर हमला है। मूर्तियों को निशाना बनाकर कुछ तत्व जानबूझकर प्रदेश की आस्था और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
जोहार पार्टी ने कहा कि यह मामला बड़े षड्यंत्र का हिस्सा हो सकता है। कई दिन बीत जाने के बाद भी न तो अपराधियों की गिरफ्तारी हुई और न ही पुलिस ने घटना की जानकारी सार्वजनिक की। जबकि तेलीबांधा क्षेत्र में सैकड़ों CCTV कैमरे लगे हैं। पार्टी ने याद दिलाया कि इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में स्थानीय महापुरुषों और माताओं की मूर्तियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हो चुकी हैं, बसना में शहीद वीरनारायण सिंह की प्रतिमा तोड़ी गई, फूलचौक रायपुर में डॉ. खूबचंद बघेल की मूर्ति पर गंदगी फैलाई गई, और हाल ही में दुर्ग और रायपुर में भी ऐसी घटनाएं हुईं।
31 अक्टूबर को रहेगा शांतिपूर्ण बंद
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने कहा कि तेलीबांधा की घटना ने पूरे प्रदेश को आक्रोशित कर दिया है। राज्योत्सव से ठीक पहले हुई यह घटना अक्षम्य अपराध है। इसी के विरोध में 31 अक्टूबर (शुक्रवार) को रायपुर में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक बंद का आह्वान किया गया है।
Tags:    

Similar News

null