Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और निगरानी के लिए राज्य साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) का गठन किया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम, जांच में समन्वय और तकनीकी सहयोग को मजबूत किया जाएगा। स्टेट साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) का प्रमुख पुलिस महानिरीक्षक (IG) प्रशांत कुमार अग्रवाल को बनाया गया है। वहीं, डीआईजी गिरिजा शंकर जायसवाल को भी इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में शामिल किया गया है। यह नया वर्टिकल पुलिस मुख्यालय (PHQ) की तकनीकी सेवाएं शाखा के अधीन कार्य करेगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान समय में ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड, फर्जी लिंक, बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और बेहतर निगरानी के लिए राज्य स्तर पर एक समन्वित व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी उद्देश्य से S4C का गठन किया गया है। स्टेट साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर का मुख्य उद्देश्य राज्य में होने वाले साइबर अपराधों की निगरानी करना, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना होगा।
S4C केंद्र सरकार की साइबर अपराध नियंत्रण व्यवस्था के तहत काम करने वाली केंद्रीय एजेंसी इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के साथ भी समन्वय स्थापित करेगा। इसके माध्यम से साइबर अपराधों से संबंधित जानकारी, तकनीकी इनपुट और आवश्यक डेटा का आदान-प्रदान किया जाएगा। यह केंद्र राज्य पुलिस, साइबर विशेषज्ञों और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने का काम करेगा। इससे साइबर अपराधों की पहचान, जांच प्रक्रिया में तेजी और अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों का स्वरूप भी लगातार बदल रहा है। ऐसे में आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीम के माध्यम से अपराधों पर नियंत्रण करना जरूरी हो गया है। S4C के गठन से राज्य में साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को और मजबूती मिलेगी। इसके जरिए आम नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने, साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी।