जगदलपुर में मुठभेड़ में नक्सली संगठन को भारी नुकसान, 7 मारे गए

छग

Update: 2025-11-19 17:18 GMT
Jagdalpur. जगदलपुर। कुख्यात नक्सली कमांडर माडवी हिडमा के खात्मे के बाद नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। आंध्र प्रदेश के मारेडुमिल्ली क्षेत्र में आज सुबह हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने सात नक्सलियों को मार गिराया। पुलिस के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। इन सात नक्सलियों में से एक की पहचान मेटुरी जोगा राव उर्फ ‘शंकर’ के रूप में हुई है, जो आंध्र–ओडिशा बॉर्डर (AOB) डिवीजन का तकनीकी विशेषज्ञ और संगठन का महत्वपूर्ण सदस्य माना जाता था। शंकर नक्सलियों के लिए विस्फोटक तैयार करने और तकनीकी सपोर्ट देने में प्रमुख भूमिका निभाता था। अधिकारियों ने बताया कि शंकर के मारे जाने से नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है और यह उनके तकनीकी नेटवर्क को कमजोर कर सकता है।

मुठभेड़ का क्रम
सुबह के समय, ग्रेहाउंड फोर्स और स्थानीय पुलिस ने मिलकर मारेडुमिल्ली क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान घने जंगलों में नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जो लगभग एक घंटे तक चली। मुठभेड़ के बाद मौके पर सात नक्सलियों के शव बरामद किए गए। सुरक्षा बलों के अनुसार मारे गए नक्सली बस्तर और AOB डिवीजन की सक्रिय टीमों से जुड़े थे, जो हाल के दिनों में बढ़ते सुरक्षा दबाव के बावजूद लगातार मूवमेंट कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सली नेटवर्क पर लगातार बढ़ रहे सुरक्षा दबाव का परिणाम है और इससे संगठन को भारी नुकसान हुआ है।

हथियार और विस्फोटक बरामद
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए हैं। बरामद सामग्री में शामिल हैं:
AK-47 राइफल – 2
AK-47 मैगज़ीन – 5
AK-47 के 72 राउंड
SBBL गन – 5
SBBL के 34 राउंड
.303 राइफल – 1
.303 के 24 राउंड
कॉर्डेक्स वायर – 3 किलो
18 डेटोनेटर

कई किटबैग और नक्सली साहित्य
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस सामग्री से साफ पता चलता है कि नक्सली किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे। विशेष रूप से विस्फोटक और डेटोनेटर की मात्रा यह संकेत देती है कि मारे गए नक्सली तकनीकी और हथियार प्रशिक्षण प्राप्त थे।

पिछले दिन की मुठभेड़
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले यानी मंगलवार को इसी इलाके में हुई मुठभेड़ में कुख्यात कमांडर माडवी हिडमा, उसकी पत्नी राजे और पर्सनल गार्ड देवे समेत छह नक्सली ढेर किए गए थे। लगातार दो दिनों में हुई इन कार्रवाइयों ने नक्सली संगठन को काफी नुकसान पहुंचाया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह श्रृंखला नक्सली नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है। आने वाले दिनों में और भी सर्च ऑपरेशन किए जाएंगे ताकि नक्सली संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों को ट्रैक कर उन्हें कमजोर किया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि माडवी हिडमा और शंकर जैसे प्रमुख कमांडरों के मारे जाने से नक्सली संगठन की संचालन क्षमता पर सीधा असर पड़ेगा।

सुरक्षा बलों की तैयारी और सतर्कता
सुरक्षा बलों ने इस अभियान के दौरान घने जंगल और कठिन इलाके में विशेष सावधानी बरती। उन्हें स्थानीय खुफिया इनपुट और मानचित्रों की मदद से नक्सली समूह तक पहुँचने में सफलता मिली। अधिकारियों ने बताया कि अब क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है और किसी भी संभावित हमले को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है। बस्तर और AOB डिवीजन में चल रहे इस अभियान के परिणामस्वरूप नक्सली संगठन के तकनीकी और हथियार नेटवर्क पर गंभीर असर पड़ा है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह कार्रवाई भविष्य में होने वाले बड़े हमलों को रोकने में मददगार साबित होगी।
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