Rajnandgaon. राजनांदगांव। राज्य शासन के निर्देशानुसार भगवान महावीर स्वामी निर्वाण दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर, मंगलवार को नगर निगम सीमाक्षेत्र में स्थित सभी पशुवध गृह एवं मटन मार्केट पूरी तरह से बंद रहेंगे। यह फैसला धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है और इस दिन किसी भी प्रकार के पशुवध या मांस विक्रय पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्वाण दिवस के दिन पशुवध और मांस विक्रय न हो, इसकी कड़ाई से निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्थान पर मांस विक्रय करते पाए जाने पर तत्काल मांस जब्त किया जाए और संबंधित व्यक्ति से 5,000 रुपये का अर्थदण्ड वसूल कर कानूनी कार्यवाही की जाए।
आयुक्त ने समस्त स्वच्छता निरीक्षकों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखें और उक्त आदेश का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। इसके लिए निरीक्षकों को सुबह से ही मार्केट और पशुवध गृह में सक्रिय रहकर निगरानी करनी होगी। नगर निगम की यह पहल धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बनाए रखने की दिशा में भी अहम कदम मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस दिन मटन मार्केट और पशुवध गृह में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वच्छता और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी टीम के साथ जिले के सभी पशुवध गृह, मटन मार्केट और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण करें।
अगर कोई नियम उल्लंघन करता पाया गया तो मांस जब्त करने के साथ-साथ जुर्माना वसूलने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। नगर निगम आयुक्त ने जनता से भी अपील की है कि वे निर्वाण दिवस के दिन किसी भी प्रकार के पशुवध या मांस खरीदने या बेचने से बचें और धार्मिक एवं सामाजिक भावना का सम्मान करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस दिन बाजार बंद रहने के कारण दुकानदार और आम नागरिक समय पर अपनी तैयारी कर लें। राजनांदगांव में हर वर्ष भगवान महावीर स्वामी निर्वाण दिवस बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। इस दिन नगर में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है और नागरिकों को शांति, अहिंसा और संयम के संदेश दिए जाते हैं। प्रशासन की यह पहल इस दिन की पवित्रता और धार्मिक गरिमा को बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। इस आदेश के पालन से नगर में नागरिकों, दुकानदारों और स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ेगा और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सकेगा।