सेवानिवृत्त लेखापाल की हत्या का खुलासा, 11 आरोपियों सहित 4 नाबालिग गिरफ्तार
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Mungeli. मुंगेली। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के निर्देशन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में मुंगेली पुलिस ने सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर सिंह राजपूत (62) की हत्या का सफल खुलासा किया है। थाना लालपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम मनोहरपुर से अपहरण कर हत्या करने वाले कुल 11 आरोपियों सहित 4 नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक के अपने ही भाई और परिजन हत्या के मास्टरमाइंड थे। संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से परिवार में बाप-बेटे के बीच दुश्मनी का फायदा उठाकर सुपारी देकर हत्या की योजना बनाई गई थी। आरोपियों ने मृतक को बेटे से खतरा बताकर करोड़ों की संपत्ति अपने नाम करवा ली। मृतक के बेटे को संपत्ति न देने के लिए फर्जी वचनपत्र/नोटरी तैयार किया गया था।
घटना में प्रयुक्त 1 हुंडई ईऑन कार, 1 टाटा स्पेशियस गोल्ड कार, 1 मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी और सुपारी की रकम 96,000 रुपये जप्त की गई। थाना लालपुर में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 40/26 धारा 61(2), 103(1), 140(2), 238 बीएनएस पंजीकृत किया गया। घटना का खुलासा तब हुआ जब मृतक के भाई बलबीर सिंह ने 22 मार्च 2026 को अपने लापता भाई के बारे में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने “त्रिनयन एप” और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपी संजय यादव और उसके साथियों का पता लगाया। पूछताछ में संजय यादव ने स्वीकार किया कि यह योजना मृतक के छोटे भाई रणजीत सिंह, साले पालेश्वर सिंह, चचेरा भाई रामपाल सिंह और अन्य परिवारिक सदस्यों द्वारा बनाई गई थी।
सुपारी के तहत आरोपी दिनांक 21 मार्च 2026 को दामोदर सिंह को मनोहरपुर के सुनसान रास्ते पर रोककर गमछा डालकर मार डाला। शव को ईऑन कार में भरकर पहले ग्रामीण रास्ते में ईऑन कार खराब होने पर टाटा स्पेशियस में शिफ्ट किया गया और अंततः पंडरिया थाना क्षेत्र के देवसरा गांव के जंगल में नदी के पास गड्ढे में दफन कर दिया गया। मृतक के परिवारिक विवाद और संपत्ति हड़पने के लालच ने हत्या की योजना को जन्म दिया। जांच में यह भी पता चला कि मृतक के बेटे और पिता के बीच विवाद ने हत्या की संभावना को बढ़ाया। मृतक की संपत्ति में 4 करोड़ की जमीन और 30 तोला सोना शामिल था।
गिरफ्तार आरोपी:
रणजीत सिंह राजपूत (मृतक का भाई)
पालेश्वर राजपूत (रणजीत का साला)
रामपाल सिंह राजपूत (चचेरा भाई)
पराग सिंह राजपूत (बलबीर का पुत्र)
हेमंत राजपूत (रणजीत का पुत्र)
अजय राजपूत (भांजा)
संजय यादव
श्रवण उर्फ प्रिंस गोई
योगेश गंधर्व उर्फ योगेश्वर
देवराज साहू उर्फ दद्दु
आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ बाबु साथ ही 4 नाबालिग।
पूछताछ और तलाशी में सुपारी की रकम, वाहन, मोटरसाइकिल, स्कूटी व अन्य वस्तुएं जप्त की गईं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया, जबकि नाबालिग को सामाजिक पृष्ठभूमि जांच के बाद बाल संप्रेषण गृह में भेजा गया। पुलिस टीम में निरीक्षक प्रसाद सिन्हा (साइबर सेल), थाना प्रभारी लोरमी निरी.अखिलेश वैष्णव, थाना लालपुर उपनिरीक्षक सुन्दर लाल गोरले, जरहागांव थाना उपनिरीक्षक सतेन्द्रपुरी गोस्वामी और अन्य स्टाफ शामिल थे। यह घटना स्पष्ट करती है कि परिवारिक विवाद और संपत्ति हड़पने के लालच से गंभीर अपराध भी किए जा सकते हैं। मुंगेली पुलिस की तत्परता और तकनीकी साधनों के उपयोग से यह केस सुलझाया गया।