Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक प्रमुख पर्व करमा तिहार आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल अपने परिवार सहित शामिल हुए और करमा देव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
आदिवासी संस्कृति के रंगों में सराबोर रहा आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत करमा देव की आराधना और पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुई। इसके बाद आदिवासी समाज के लोगों ने पारंपरिक लोकधुनों और गीतों पर करमा नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल, मादल और झांझ की थाप पर कलाकारों ने ऐसा समां बांधा कि पूरा परिसर लोक संस्कृति के रंग में रंग गया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी आदिवासी संस्कृति की इस अद्भुत झलक को नमन करते हुए कहा कि करमा तिहार छत्तीसगढ़ की आत्मा और लोकजीवन का उत्सव है।
परिवार सहित की पूजा-अर्चना
सांसद अग्रवाल ने अपने परिवार के साथ करमा देव की पूजा कर आदिवासी समाज के इस पर्व की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि करमा तिहार हमें प्रकृति की पूजा और संरक्षण का संदेश देता है। पेड़-पौधों, जल-जंगल और जमीन के बिना जीवन संभव नहीं है, इसलिए यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञ और जिम्मेदार बनने की सीख देता है।
“सामूहिकता ही समाज की शक्ति”
बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि करमा तिहार केवल पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह सामूहिकता और समाज की एकजुटता का प्रतीक है। जब पूरा समाज मिलकर गीत, नृत्य और पूजा में शामिल होता है, तब सामाजिक बंधन मजबूत होते हैं। यही सामूहिकता किसी भी समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस पर्व में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे कलाकारों और ग्रामीणों ने उत्सव को और भी रंगीन बना दिया। चारों ओर लोकगीतों की गूंज और ढोल की थाप ने माहौल को उल्लासमय बना दिया।
करमा तिहार का महत्व
करमा तिहार मुख्यतः आदिवासी समाज का पर्व है, जो प्रकृति-प्रेम और आस्था से जुड़ा हुआ है। इस दिन करमा वृक्ष की पूजा की जाती है और यह मान्यता है कि करमा देव की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और खुशहाली आती है। युवतियां और युवक मिलकर करमा गीत गाते और नृत्य करते हैं। यह त्यौहार सामाजिक एकजुटता और भाईचारे को भी मजबूत करता है। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने समस्त प्रदेशवासियों को करमा तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सबके जीवन में नई ऊर्जा, खुशियां और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी लोकसंस्कृति और परंपराओं को संजोकर रखें, क्योंकि यही हमारी असली पहचान है।