APK लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक, किराना कारोबारी से 4.65 लाख पार
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक किराना कारोबारी को अनजान लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ गया। ठगों ने APK फाइल भेजकर उसका मोबाइल हैक कर लिया और महज 24 घंटे के भीतर 4 लाख 65 हजार रुपए अलग-अलग बैंक खातों से निकाल लिए। यह मामला न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित कारोबारी कमल शादिजा, जो “कमल ट्रेडर्स” नाम से किराना दुकान संचालित करते हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 10 मार्च 2026 की सुबह उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से APK फाइल का लिंक आया था।
कारोबारी ने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल पूरी तरह हैक हो गया। उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि यह एक साइबर जाल है। लिंक पर क्लिक करते ही ठगों ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और उसमें मौजूद बैंकिंग एप्स, यूपीआई और डिजिटल वॉलेट्स तक पहुंच बना ली। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 10 मार्च से 11 मार्च के बीच पीड़ित के अलग-अलग बैंक खातों एक्सिस बैंक, एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा से कुल 4,65,000 रुपए छह किश्तों में ट्रांसफर कर लिए। इस दौरान कारोबारी को लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज मिलते रहे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना के बाद घबराए कारोबारी ने अपना मोबाइल फॉर्मेट कर दिया। तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि APK फाइलें बेहद खतरनाक होती हैं। ये फाइलें मोबाइल में ‘मिररिंग ऐप’ या ‘रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर’ इंस्टॉल कर देती हैं, जिससे ठग दूर बैठे ही मोबाइल को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके जरिए वे OTP, बैंक डिटेल्स और निजी जानकारी तक आसानी से पहुंच जाते हैं। पुलिस ने आम लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक, विशेष रूप से .apk फाइल पर क्लिक न करें। अगर कोई संदिग्ध लिंक मिलता है तो उसे तुरंत डिलीट कर दें। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और नुकसान को रोका जा सके। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। छोटी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है।