Raipur. रायपुर। राजधानी में पुलिस कर्मियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। टिकरापारा थाना क्षेत्र अंतर्गत कमल विहार पुलिस सहायता केंद्र में पदस्थ दो आरक्षकों द्वारा मोबाइल चोरी के शक में एक नाबालिग की कथित रूप से बेरहमी से पिटाई किए जाने का मामला उजागर हुआ है। घटना के बाद नाबालिग के शरीर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए, जिससे परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल बन गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कमल विहार पुलिस सहायता केंद्र में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 1211 लक्ष्मी नारायण एवं आरक्षक क्रमांक 2382 आसमान सिंह ने ड्यूटी के दौरान चौकी प्रभारी को बिना सूचित किए दूसरी जगह जाकर एक नाबालिग को मोबाइल चोरी के आरोप में पकड़ा। आरोप है कि दोनों आरक्षकों ने नाबालिग से पूछताछ के दौरान उसे बुरी तरह पीटा। पिटाई इतनी गंभीर बताई जा रही है कि नाबालिग के कूल्हे सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर स्पष्ट चोट के निशान उभर आए।
घटना की जानकारी सामने आते ही पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। डीसीपी वेस्ट जोन संदीप पटेल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दोनों आरक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच में प्रथम दृष्टया आमजन के साथ दुर्व्यवहार, चौकी प्रभारी के आदेशों की अवहेलना तथा ड्यूटी के दौरान स्वेच्छाचारिता प्रदर्शित करने के तथ्य सामने आने पर दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। डीसीपी संदीप पटेल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान आरक्षक लक्ष्मी नारायण और आसमान सिंह को रक्षित केंद्र रायपुर संबद्ध किया गया है। विभागीय स्तर पर मामले की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं का परीक्षण किया जा सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता और आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मियों से इस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। वहीं, नाबालिग के परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि पुलिस की छवि और जनता के विश्वास को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।