होली के दूसरे दिन बंद मिला मिडिल स्कूल, हेडमास्टर संजय गुप्ता निलंबित
छग
Surajpur. सूरजपुर। सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड स्थित सावारांवा मिडिल स्कूल होली के दूसरे दिन बंद मिलने के मामले ने प्रशासन की सख्ती को जन्म दिया। मंगलवार को जब छात्र स्कूल पहुंचे तो स्कूल का ताला बंद था और हेडमास्टर काफी देर तक मौजूद नहीं थे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। इस पर तत्काल जांच के निर्देश डीईओ अजय मिश्रा ने जारी किए। जांच के दौरान यह पाया गया कि हेडमास्टर संजय कुमार गुप्ता की लापरवाही के कारण स्कूल समय पर नहीं खुला और छात्रों को शिक्षण गतिविधियों से वंचित रहना पड़ा।
इस गंभीर लापरवाही के चलते संयुक्त संचालक शिक्षा संजय गुप्ता ने हेडमास्टर संजय कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया। साथ ही संकुल समन्वयक रामजतन कुशवाहा समेत स्कूल में कार्यरत पांच अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन सभी से निर्देशित किया गया है कि तीन दिन के भीतर लिखित जवाब दें। विभाग ने स्पष्ट किया कि स्कूल संचालन और छात्रों की पढ़ाई में बाधा डालने वाले किसी भी कर्मी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पढ़ाई के अधिकार को सुनिश्चित करने और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए शिक्षा विभाग ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना सिर्फ एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने का संदेश है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी शिक्षा विभाग की कार्रवाई की सराहना की। उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा गंभीर अपराध के समान है। अभिभावक संघ ने कहा कि वीडियो वायरल होने से स्कूल की वास्तविक स्थिति सामने आई और विभाग को सख्त कार्रवाई करने का अवसर मिला। इस घटना ने यह भी उजागर किया कि कुछ शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों में जिम्मेदारी और समय की पाबंदी की कमी बच्चों की पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। विभाग ने कहा कि भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही विभाग ने स्कूलों में समय पर खुलने, शिक्षण गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने और छात्रों के हित में हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया है। हेडमास्टर और शिक्षकों की जिम्मेदारी के प्रति यह सख्त रुख संदेश देता है कि शिक्षा और बच्चों की पढ़ाई को कभी भी प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।