जिला स्तरीय संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक में कर्मचारी संगठनों की बैठक
छग
Durg. दुर्ग। जिला स्तरीय संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर अभिजीत सिंह ने की। इस बैठक में जिले के विभिन्न कर्मचारी संघों और विभागीय अधिकारियों के बीच अधिकारी-कर्मचारी से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन, छत्तीसगढ़ लिपकीय वर्गी शासकीय कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस, छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ, आदिम जाति कल्याण विभाग कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ सहायक पशुचिकित्सक क्षेत्र अधिकारी संघ, राजस्व पटवारी संघ और छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ शामिल रहे। सभी संघों ने अपनी एजेण्डा और कर्मचारियों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर रायशुमारी की। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बैठक में विभागीय अधिकारियों से विभिन्न मुद्दों पर जानकारी ली। इसमें विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया, वरिष्ठता सूची का प्रकाशन, विभागीय जांच, सेवा पुस्तिका संधारण, सेवा निवृत्ति के बाद कर्मचारियों के देय स्वत्वों का भुगतान, पेंशन प्रकरण, अनुकम्पा नियुक्ति, चिकित्सक और यात्रा भत्ते, मातृत्व एवं संतान पालन अवकाश, वेतन भुगतान जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभागों में अधिकारी-कर्मचारियों की वरीयता सूची समय पर प्रकाशित की जाए और प्रकाशन से पूर्व दावे-आपत्तियों को आमंत्रित किया जाए। इसके साथ ही विभागीय जांच की प्रक्रिया में तत्परता बरती जाए और बजट की कमी होने पर आवश्यक स्वत्वों का भुगतान पास फार पेमेंट के माध्यम से किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सेवा निवृत्ति से पहले सभी देय स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में अपर कलेक्टर योगिता देवांगन, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त सुमीत अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई-चरोदा के आयुक्त डी. राजपूत, सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी सहित सभी विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी और विभिन्न कर्मचारी संघों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक से जिले में अधिकारी-कर्मचारियों के हितों के संरक्षण और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल होने की उम्मीद है। कर्मचारियों के मुद्दों पर नियमित समीक्षा और सहयोग से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहयोग और तत्परता दिखाते हुए सकारात्मक माहौल बनाया। इस तरह की बैठकों से जिले में कर्मचारी-प्रशासनिक संवाद मजबूत होता है और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान समय पर सुनिश्चित किया जा सकता है।