Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के मुस्लिम समाज में आज एक दुखद खबर ने सबको स्तब्ध कर दिया। शहर के जाने-माने धार्मिक और सामाजिक व्यक्तित्व, क़ाज़ी मौलाना मोहम्मद अली फ़ारूकी का आज निधन हो गया। उनके निधन की खबर से राजधानी रायपुर के साथ-साथ पूरे प्रदेश के मुस्लिम समाज में गहरा शोक व्याप्त है। मौलाना फ़ारूकी लंबे समय से धार्मिक, सामाजिक और सामुदायिक कार्यों से जुड़े रहे और उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। मौलाना फ़ारूकी साहब अपनी सादगी, इल्मी व्यक्तित्व और इंसाफ़ पसंद स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वे न केवल धार्मिक मामलों में बल्कि सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते थे। उनका जीवन मुस्लिम समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा और उन्होंने हमेशा न्याय और सही मार्गदर्शन का संदेश दिया। उनके निधन से रायपुर शहर ने एक बड़े धार्मिक और समाजसेवी को खो दिया है। धार्मिक संगठनों और समाज के वरिष्ठ व्यक्तियों ने मौलाना फ़ारूकी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
कई ने उन्हें “धार्मिक ज्ञान और समाजसेवा का उदाहरण” बताया। उन्होंने कहा कि मौलाना फ़ारूकी ने अपने जीवन में समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की मदद करने का कार्य हमेशा जारी रखा। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मौलाना फ़ारूकी ने न केवल धार्मिक शिक्षा और इल्मी कामों में बल्कि समाजिक कल्याण और सामुदायिक एकता में भी अपनी भूमिका निभाई। शहर के कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। उनके अनुभव और सलाह का लाभ समाज के कई वर्गों ने उठाया। उनकी सादगी और दया भाव ने उन्हें समाज में अत्यंत सम्मानित व्यक्तित्व बनाया। मौलाना फ़ारूकी के परिवार और अनुयायियों के लिए यह समय अत्यंत कठिन है। लोग उनके लिए दुआ कर रहे हैं कि “अल्लाह तआला मौलाना मोहम्मद अली फ़ारूकी को जन्नतुल फिरदौस में ऊँचा मुकाम अता करे और उनके परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे।” उनके निधन की खबर मिलने के बाद शहर के लोगों ने शोक व्यक्त किया और उन्हें याद किया।