कुंवरपुर जंगल में भीषण आग, एक किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित

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Update: 2026-05-01 12:59 GMT
Sarguja. सरगुजा। सरगुजा जिले के लखनपुर क्षेत्र में नेशनल हाईवे-130 से लगे ग्राम कुंवरपुर के जंगल में भीषण आग लगने से बड़ा नुकसान हुआ है। आग इतनी तेज फैली कि करीब एक किलोमीटर क्षेत्र इसकी चपेट में आ गया। इस घटना से जंगल में मौजूद पेड़-पौधों को भारी क्षति पहुंची है और पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में बार-बार जंगल में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि अज्ञात लोगों द्वारा जानबूझकर आग लगाई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस स्थान पर आगजनी की घटना हुई, उसके पास ही वन विभाग का कार्यालय मौजूद है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी समय पर सक्रिय नहीं हो पाए, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आग लगने के बाद आसपास के क्षेत्र में धुआं फैल गया और कई पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए। जंगल में मौजूद छोटे जीव-जंतुओं पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह और बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकती थी।

घटना की सूचना मिलने के बाद लखनपुर वनपरिक्षेत्र अधिकारी रामनिवास दहायत ने बताया कि आगजनी की घटना अज्ञात लोगों द्वारा की गई है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि फिलहाल आग को नियंत्रित कर लिया गया है। वन विभाग ने यह भी दावा किया है कि मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग किन कारणों से लगी और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।
हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं के बावजूद वन विभाग की निगरानी व्यवस्था कमजोर है। लोगों ने मांग की है कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए स्थायी निगरानी व्यवस्था और गश्त बढ़ाई जाए। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि जंगल में बार-बार लगने वाली आग से जैव विविधता पर गंभीर असर पड़ता है। इससे न केवल पेड़-पौधे नष्ट होते हैं, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी खराब होती है और वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास भी प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और अज्ञात लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। फिलहाल वन विभाग की टीम पूरे क्षेत्र की निगरानी कर रही है और आग के दोबारा भड़कने की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।
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