Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित व्यापार विहार क्षेत्र में शनिवार सुबह चौधरी एजेंसी के खाद्य तेल गोदाम में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरे गोदाम में फैल गई, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 8 बजे स्थानीय लोगों ने गोदाम से धुआं निकलते देखा और तुरंत गोदाम संचालक नमिष कुमार अग्रवाल को सूचना दी। इसके बाद सुबह लगभग 9:15 बजे फायर ब्रिगेड को जानकारी दी गई। सूचना मिलने के करीब 15 मिनट के भीतर दमकल की टीम मौके पर पहुंच गई और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया।
गोदाम में बड़ी मात्रा में खाद्य तेल और पैकेजिंग सामग्री रखी होने के कारण आग तेजी से फैलती गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पांच दमकल गाड़ियों को लगाया गया, जिन्होंने लगभग पांच घंटे तक लगातार मशक्कत की। दोपहर बाद जाकर आग पर काबू पाया जा सका। गोदाम पूरी तरह बंद होने के कारण दमकलकर्मियों को अंदर प्रवेश करने में कठिनाई हुई। बाद में जेसीबी मशीन की मदद से गोदाम की दीवार तोड़ी गई, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम अंदर पहुंच सकी। अंदर तीन बड़े तेल भंडारण टैंक मौजूद थे, जिनमें भारी मात्रा में खाद्य तेल भरा हुआ था। इन्हीं टैंकों के कारण आग बार-बार भड़क रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोदाम में एक-एक किलो के पैकेटों में तेल की पैकेजिंग का काम भी किया जाता था। बड़े पैमाने पर ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग पर नियंत्रण पाना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। गोदाम संचालक नमिष कुमार अग्रवाल ने बताया कि अंदर करीब दो करोड़ रुपये का माल रखा हुआ था। उन्होंने कहा कि उनके पास संचालन के लिए सभी आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज मौजूद हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलने पर होमगार्ड कमांडेंट दिपांकर नाथ भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में इस क्षेत्र में इस तरह की यह तीसरी बड़ी आगजनी की घटना है। उन्होंने यह भी कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह रही कि गोदाम में फायर एक्सटिंग्विशर जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद नहीं थी। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए गोदाम संचालक को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, घटना के बाद व्यापार विहार क्षेत्र में सुरक्षा मानकों और अवैध निर्माण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
नगर निगम प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा कि यह जांच की जाएगी कि गोदाम के लिए वैध भवन अनुमति ली गई थी या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यदि लापरवाही पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षेत्र के अन्य भवनों की भी सुरक्षा जांच किए जाने की संभावना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना से व्यापार विहार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।