गाड़ियों में आगजनी-तोड़फोड़ की बड़ी वारदात का खुलासा, पूर्व ड्राइवर राजेंद्र केसरी गिरफ्तार
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Bilaspur. बिलासपुर। थाना सरकंडा पुलिस ने क्षेत्र में अशांति फैलाने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने अपने पूर्व मालिक के ऑफिस और गाड़ियों में तोड़फोड़ करते हुए आगजनी की घटना को अंजाम दिया था। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने लगातार छापेमारी और घेराबंदी के बाद बुधवार को उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। घटना 15 अक्टूबर 2025 की है। प्रार्थी संदीप कुमार साहू, निवासी जबड़ापारा सरकंडा ने बताया कि वह R.K. एंबुलेंस सर्विस एंड ट्रेवल्स के माध्यम से अपोलो अस्पताल के पास ऑफिस संचालित करता है। उस शाम उन्होंने अपनी तीन गाड़ियां—डीजायर (CG 09 JF 7636), सेंट्रो (CG 04 B 5456) और एंबुलेंस (CG 10 FA 8736)—ऑफिस के सामने खड़ी की और घर चले गए।
रात लगभग 11:20 बजे, बगल के बबलू भोजनालय के मालिक ने फोन कर सूचना दी कि राजेंद्र केसरी नामक युवक ऑफिस और गाड़ियों में तोड़फोड़ कर रहा है। संदीप साहू जब पहुंचे, तो देखा कि ऑफिस से धुआं निकल रहा है और सभी गाड़ियों के कांच टूटे हुए हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, घटना में लगभग 65,000 रुपये का नुकसान हुआ। जांच में पता चला कि आरोपी राजेंद्र राजपूत उर्फ केसरी (24 वर्ष), निवासी लिंगियाडीह, पहले प्रार्थी का ड्राइवर था। वर्ष 2024 में शिकायत मिलने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसी पुरानी रंजिश के चलते उसने यह घटना की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देश पर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेंद्र जायसवाल और सीएसपी (सिविल लाइन/सरकंडा) निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में टीमें गठित की गईं। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप आर्य के नेतृत्व में लगातार तलाश जारी रही।
तलाश के दौरान सूचना मिली कि आरोपी लिंगियाडीह क्षेत्र में घूम रहा है। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में राजेंद्र केसरी ने अपराध करना स्वीकार कर लिया। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 1446/2025, धारा 324(2), 351(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था। सरकंडा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कोई ढील नहीं दी जाएगी। आरोपी की गिरफ्तारी से स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में राहत की भावना पैदा हुई है। पुलिस ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस मामले में थाना सरकंडा पुलिस की तत्परता और घेराबंदी की रणनीति को विशेष रूप से सराहा जा रहा है, जिससे अपराधियों के मनोबल को कमजोर किया गया और क्षेत्र में कानून का राज स्थापित किया गया।