RPF/IRPF में बड़े तबादले, बिलासपुर कमांडेंट दिनेश सिंह तोमर की पोस्टिंग और शिकायतों ने बटोरी सुर्खियाँ
छग
Raipur. रायपुर। रेलवे सुरक्षा बल (RPF/IRPF) में वरिष्ठ और मध्य स्तर के अधिकारियों के तबादलों और पदोन्नतियों का हालिया निर्णय छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। खासकर बिलासपुर RPF कमांडेंट और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (Sr DSC) दिनेश सिंह तोमर की पोस्टिंग को लेकर चल रहे विवाद ने मीडिया और रेलवे कर्मचारियों का ध्यान खींचा है। सूत्रों के अनुसार, दिनेश सिंह तोमर के बर्ताव और कार्यशैली को लेकर बिलासपुर रेल मंडल के कर्मचारियों में असंतोष है। इस असंतोष की पृष्ठभूमि में मानवाधिकार आयोग में उनके खिलाफ 11 बिंदुओं में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में उनकी सेवा, कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
रेल मंत्रालय ने आज चार अलग-अलग आदेश जारी कर वरिष्ठ और मध्य स्तर के अधिकारियों के तबादले और पदोन्नतियों को अंतिम रूप दिया। इनमें दिनेश सिंह तोमर की पोस्टिंग विशेष ध्यान का केंद्र रही। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के फेरबदल का मकसद संगठनात्मक कार्यकुशलता बढ़ाना और विवादों को नियंत्रित करना है। बताया जा रहा है कि बिलासपुर रेल मंडल में कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच तनातनी लंबे समय से चली आ रही है। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों की पोस्टिंग और स्थानांतरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और संगठनात्मक संतुलन बनाए रखना मंत्रालय की प्राथमिकता रही है।
रेल मंत्रालय के आदेशों में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भी नई जिम्मेदारियों और पदोन्नतियों का जिक्र किया गया है, जिससे पूरे RPF/IRPF नेटवर्क में कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी का संतुलन बनाए रखा जा सके। इस तरह के फेरबदल और तबादले न केवल अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करते हैं, बल्कि कर्मचारियों में सकारात्मक माहौल और मनोबल बढ़ाने में भी मदद करते हैं। वहीं, मानवाधिकार आयोग में लंबित शिकायतों के बीच दिनेश सिंह तोमर की पोस्टिंग ने ध्यान आकर्षित किया है और भविष्य में उनके कार्यक्षेत्र और प्रशासनिक फैसलों पर भी निगाह बनी हुई है। कुल मिलाकर, RPF/IRPF में वरिष्ठ और मध्य अधिकारियों के तबादलों और पदोन्नतियों ने छत्तीसगढ़ के रेल मंडल में सुर्खियाँ बटोरी हैं, और बिलासपुर कमांडेंट के खिलाफ शिकायतें चर्चा का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं।