Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की राशि में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर योजना के हितग्राहियों की सरकारी राशि फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लाखों रुपये की हेराफेरी करने का आरोप है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमधा और पाटन क्षेत्र में योजना से जुड़े कुल 107 हितग्राहियों की लगभग 17 लाख 10 हजार रुपये से अधिक की राशि अनधिकृत खातों में ट्रांसफर की गई थी। मामले का खुलासा तकनीकी जांच, बैंक रिकॉर्ड और ऑनलाइन पोर्टल के विश्लेषण के बाद हुआ। जानकारी के मुताबिक, 17 मई 2026 को जनपद पंचायत धमधा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने थाना धमधा में शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके बाद 19 मई 2026 को जनपद पंचायत पाटन की ओर से भी थाना पाटन में लिखित शिकायत दी गई। शिकायत में बताया गया था कि योजना के पात्र हितग्राहियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि उनके वास्तविक खातों की बजाय अन्य बैंक खातों में भेजी जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि थाना धमधा क्षेत्र के 44 हितग्राहियों की करीब 4 लाख 50 हजार रुपये की राशि और थाना पाटन क्षेत्र के 63 हितग्राहियों की लगभग 12 लाख 60 हजार रुपये की राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों के पास योजना से संबंधित पोर्टल में खातों के सुधार और अपडेट के लिए इस्तेमाल होने वाली लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध थे। आरोपियों ने इसी एक्सेस का गलत इस्तेमाल करते हुए ऑनलाइन पोर्टल पर हितग्राहियों के असली बैंक खातों की जानकारी बदल दी।
उनकी जगह अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों की जानकारी दर्ज कर दी। इसके बाद योजना की राशि सीधे उन फर्जी खातों में ट्रांसफर होने लगी। पुलिस के मुताबिक आरोपी मोबाइल बैंकिंग, एटीएम और अन्य माध्यमों से राशि निकालकर उसका उपयोग कर रहे थे। मामले की शिकायत और जांच शुरू होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपियों ने कुछ राशि वापस जमा भी कराई थी। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों दीपक कुमार यादव निवासी जिला दुर्ग और लिलेश्वर यादव उर्फ रवि (26 वर्ष) निवासी ग्राम अकोला वार्ड क्रमांक 06 उड़िया बस्ती थाना कुम्हारी जिला दुर्ग को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में उपयोग किए गए मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब्त सामग्री के आधार पर मामले में और भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।