Bijapur. बीजापुर। जिले के पिटेतुंगोली क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि कागजों में 13 किलोमीटर सड़क और 8 पुलियों का निर्माण दिखाकर पूरा भुगतान उठा लिया गया, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, गीदम–बीजापुर मार्ग से पिटेतुंगोली तक 13 किलोमीटर सड़क और 8 पुलियों का निर्माण स्वीकृत था। परियोजना का कार्य 2 जुलाई 2019 को शुरू होकर 15 मई 2020 तक पूरा होना बताया गया है। निर्माण कार्य दंगल बिल्डर्स (रायपुर) द्वारा किया गया था।
लेकिन मौके पर निरीक्षण के दौरान स्थिति चौंकाने वाली पाई गई। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केवल लगभग 5 किलोमीटर सड़क का ही निर्माण हुआ है, जबकि कई हिस्सों में सड़क अधूरी या पूरी तरह गायब है। वहीं 8 पुलियों के स्थान पर केवल 2 पुलियों के लिए गड्ढे खोदे गए हैं, जिन्हें आज तक पूरा नहीं किया गया। विभागीय सूचना पटल (बोर्ड) में दर्ज विवरण और जमीनी हकीकत में भारी अंतर सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि बाकी कार्य पूरा हुए बिना भुगतान कैसे कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि माप पुस्तिका (MB) में गलत प्रविष्टियां कर फर्जी तरीके से कार्य पूर्ण दिखाया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि अधूरी सड़क के कारण बरसात के दिनों में आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। एंबुलेंस, राशन और आवश्यक सेवाओं के लिए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसानों की उपजाऊ जमीन पर मिट्टी डालकर समतलीकरण भी सही तरीके से नहीं किया गया, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। सरपंच संतोष लेकाम ने आरोप लगाया कि 13 किलोमीटर सड़क का दावा पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार मौके पर केवल सीमित दूरी तक ही सड़क बनी है और पुलियों का निर्माण लगभग नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि ठेकेदार ने नक्सल क्षेत्र का हवाला देकर निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की है।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत स्वीकृत कार्य आज तक अधूरे हैं, जबकि समय सीमा कई साल पहले समाप्त हो चुकी है। इससे क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और लोग जल्द से जल्द निर्माण पूरा करने की मांग कर रहे हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि आधे-अधूरे काम के बावजूद पूरा भुगतान किस आधार पर किया गया, माप पुस्तिका में एंट्री किसने की और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और अधूरी सड़क व पुलियों का तत्काल निर्माण पूरा कराने की मांग की है, ताकि आने वाले बारिश के मौसम में लोगों को राहत मिल सके।