बीएसपी से करोड़ों का लोहा चोरी का बड़ा खुलासा, गोदाम से भारी मात्रा में माल जब्त

छग

Update: 2026-05-27 17:39 GMT
Durg. दुर्ग। जिले के अकलोरडीह गांव में भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से करोड़ों रुपये के लोहे की चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस की छापेमार कार्रवाई में एक गोदाम से भारी मात्रा में संदिग्ध लोहा बरामद किया गया है। मौके पर मिले लोहे के जखीरे और भारी मशीनरी को देखकर जांच टीम भी हैरान रह गई। इस घटना के बाद बीएसपी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार भिलाई-3 थाना क्षेत्र अंतर्गत अकलोरडीह गांव में दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक गोदाम को सील कर दिया है। यह गोदाम मोहम्मद सलीम का बताया जा रहा है, जहां से बड़े पैमाने पर चोरी का लोहा डंप किया जाता था। पुलिस ने मौके से करीब एक दर्जन भारी वाहन भी जब्त किए हैं, जिनमें पोकलेन मशीन, बुलडोजर, ट्रक और अन्य भारी उपकरण शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि बीएसपी परिसर से चोरी किया गया लोहा डस्ट परिवहन की आड़ में बाहर निकाला जाता था और अकलोरडीह स्थित गोदाम में जमा किया जाता था। इसके बाद इसे अलग-अलग स्थानों पर खपाया जाता था। सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में बीएसपी के अंदरूनी स्तर पर मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। बिना किसी सुरक्षा कर्मी की संलिप्तता के इतनी बड़ी मात्रा में लोहा बाहर निकालना संभव नहीं माना जा रहा है। यह मामला सामने आने के बाद सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

पुलिस जांच में अब तक 100 टन से अधिक संदिग्ध लोहा जब्त किया जा चुका है। जब्त माल की कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है। पुलिस ने पूरे गोदाम परिसर को सील कर दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। इस मामले में मुख्य आरोपी संजय सिंह और गोदाम संचालक मोहम्मद सलीम फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

बीएसपी परिसर और आसपास क्षेत्र में करीब 400 सीसीटीवी कैमरे और 1200 से अधिक सीआईएसएफ जवानों की तैनाती के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में लोहे की चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी का यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और किन स्तरों पर इसकी जानकारी छिपाई जा रही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। इस घटना के बाद औद्योगिक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी नए सिरे से समीक्षा की संभावना जताई जा रही है।
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