CGMSC और DMF घोटालों में बड़ा खुलासा, ACB/EOW ने कोर्ट में पेश किया हजारों पन्नों का चालान

छग

Update: 2026-05-18 16:14 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में चर्चित CGMSC घोटाला, CSMCL मैनपावर ओवरटाइम भुगतान मामले और DMF घोटाले में एसीबी/ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष अदालत में चालान पेश कर दिया है। रायपुर स्थित एसीबी/ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में हजारों पन्नों का विस्तृत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें करोड़ों रुपये के वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी भुगतान का उल्लेख किया गया है।
जानकारी के अनुसार CGMSC घोटाले में एसीबी/ईओडब्ल्यू ने करीब 11 हजार पन्नों का मूल चालान कोर्ट में पेश किया है। इस मामले में कुल 12 आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र दाखिल किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच लगभग 182 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का खुलासा हुआ है। मामले में गिरफ्तार सभी 12 आरोपी वर्तमान में रायपुर जेल में बंद हैं। जांच में सामने आया है कि यह घोटाला CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड) की दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के ओवरटाइम, बोनस और अतिरिक्त भुगतान के नाम पर किया गया। आरोप है कि कर्मचारियों को दी जाने वाली राशि के नाम पर फर्जी बिल तैयार किए गए और एक सिंडिकेट बनाकर करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
एसीबी/ईओडब्ल्यू की जांच के अनुसार ओवरटाइम, बोनस और चार अतिरिक्त दिनों के भुगतान पर लगभग 15.11 करोड़ रुपये का सर्विस चार्ज भी लिया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में कई लोगों की मिलीभगत थी और सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। इस मामले में कारोबारी अनवर ढेबर समेत 12 आरोपियों के खिलाफ प्रथम अभियोग पत्र विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया है। अदालत में दाखिल दस्तावेजों में बैंक ट्रांजेक्शन, भुगतान रिकॉर्ड, फर्जी बिल, अनुबंध दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड शामिल बताए जा रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर चर्चित DMF (जिला खनिज न्यास निधि) घोटाले में भी ईओडब्ल्यू ने दूसरी पूरक चालान कोर्ट में पेश कर दी है। इस मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और सतपाल सिंह छाबड़ा के खिलाफ कार्रवाई की गई है। करीब 5 हजार पन्नों का पूरक चालान विशेष न्यायाधीश की अदालत में प्रस्तुत किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि DMF फंड से जुड़े मामलों में वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन की जांच जारी है। पूरक चालान में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्य शामिल किए गए हैं। इन दोनों मामलों में अदालत में पेश किए गए चालान को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एसीबी/ईओडब्ल्यू अब आरोपियों की भूमिका, पैसों के लेनदेन और अन्य संबंधित लोगों की संलिप्तता की आगे जांच कर रही है। राज्य में इन घोटालों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में पहले से चर्चा रही है। अब अदालत में चालान पेश होने के बाद आने वाले दिनों में सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
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