सूरजपुर में WCCB की बड़ी कार्रवाई, बाघ की खाल बरामद

छग

Update: 2026-07-28 18:35 GMT
Surajpur. सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मध्य प्रदेश के जबलपुर से पहुंची वाइल्ड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) की टीम ने देर रात जिले के धारसेड़ी गांव में छापेमार कार्रवाई करते हुए बाघ की खाल बरामद की है। मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, WCCB की टीम को वन्यजीव तस्करी से जुड़े एक मामले की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने सूरजपुर वनमंडल क्षेत्र के धारसेड़ी गांव में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान टीम को एक बाघ की खाल मिली, जिसे जब्त कर लिया गया है।

छापेमारी के दौरान टीम ने तीन संदिग्ध लोगों को पकड़ा है। उनसे वन्यजीव तस्करी से जुड़े नेटवर्क और बाघ की खाल के स्रोत के संबंध में पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी को आशंका है कि इस मामले के पीछे एक बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। WCCB की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि बाघ की खाल कहां से लाई गई थी और इसमें कितने लोग शामिल हैं। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपियों के तार दूसरे राज्यों में सक्रिय वन्यजीव तस्करों से जुड़े हुए हैं।

वन्यजीव अपराधों पर नियंत्रण के लिए काम करने वाली वाइल्ड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो देशभर में वन्यजीवों की अवैध तस्करी, शिकार और बिक्री से जुड़े मामलों की जांच करती है। बाघ जैसे संरक्षित वन्यजीवों के अंगों की तस्करी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। बताया जा रहा है कि सूरजपुर और आसपास के वन क्षेत्रों में पहले भी वन्यजीवों की खाल और अवैध शिकार से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। इसी वजह से वन विभाग और सुरक्षा एजेंसियां ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रख रही हैं।

इस कार्रवाई के बाद वन विभाग के अधिकारी भी मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहे हैं। बरामद की गई बाघ की खाल की जांच विशेषज्ञों के माध्यम से कराई जाएगी, जिससे यह पुष्टि हो सके कि यह किस वन्यजीव की है और घटना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकें। फिलहाल WCCB की टीम हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में शामिल अन्य लोगों और पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा। वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत बाघ का शिकार करना या उसके अंगों की खरीद-बिक्री करना प्रतिबंधित है और ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। वन विभाग और जांच एजेंसियां इस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई हैं।
Tags:    

Similar News