शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही, 5वीं और 8वीं की 2380 मार्कशीट में गड़बड़ी

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Update: 2026-07-27 17:02 GMT
Jagdalpur. जगदलपुर। बस्तर जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में पांचवीं और आठवीं कक्षा की हजारों मार्कशीट में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर परीक्षा संचालन और परिणाम तैयार करने में हुई लापरवाही के कारण 2380 विद्यार्थियों की मार्कशीट में त्रुटियां पाई गई हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जिले के सभी सात विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को
नोटिस जारी
कर जवाब मांगा है।
जानकारी के अनुसार, पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम तैयार करने के दौरान मार्कशीट में कई तरह की गलतियां सामने आईं। इनमें अंकों की प्रविष्टि, रिकॉर्ड मिलान और अन्य तकनीकी त्रुटियों की शिकायतें मिली हैं। शिक्षा विभाग की जांच में यह बात सामने आई कि परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई, जिसके चलते बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मार्कशीट प्रभावित हुईं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से 13 जुलाई को सभी सातों विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए थे कि मार्कशीट में हुई त्रुटियों का जल्द से जल्द सुधार किया जाए। इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा में सुधार कार्य पूरा नहीं किया गया। इस लापरवाही के बाद अब अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।
कलेक्टर के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जगदलपुर सहित जिले के सभी सात विकासखंडों के बीईओ को नोटिस जारी कर मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों से पूछा गया है कि मार्कशीट तैयार करने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में इतनी बड़ी संख्या में गलतियां कैसे हुईं और समय रहते सुधार क्यों नहीं किया गया। इधर, खंड शिक्षा अधिकारियों ने भी अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब मांगना शुरू कर दिया है। विभागीय स्तर पर अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मार्कशीट में हुई गड़बड़ी के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जाए।
शिक्षा विभाग की इस लापरवाही का सीधा असर हजारों विद्यार्थियों पर पड़ा है। सरकारी आदेश और नोटिस की प्रक्रिया के बीच कई छात्र अपनी सही मार्कशीट का इंतजार कर रहे हैं। विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि मार्कशीट आगे की कक्षाओं में प्रवेश और अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा परिणाम और मार्कशीट तैयार करने जैसे कार्यों में ऐसी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बच्चों के भविष्य से जुड़े दस्तावेजों में त्रुटि होने से उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि त्रुटियों को जल्द सुधारने की प्रक्रिया जारी है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी प्रभावित विद्यार्थियों की मार्कशीट में सुधार कर उन्हें सही दस्तावेज उपलब्ध कराया जाए। बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन इस तरह की प्रशासनिक लापरवाही व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नोटिस के बाद अधिकारियों की ओर से क्या जवाब दिया जाता है और दोषी पाए जाने वालों पर क्या कार्रवाई होती है।
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