छत्तीसगढ़ सरकार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, आदेश जारी

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Update: 2025-12-08 12:28 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने सोमवार को एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा (रा.प्र.से.) और सचिवालय सेवा के कुल 38 अधिकारियों के विभागों में बदलाव किया है। नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय से जारी आदेश ESTB-102(1)/4/2024-GAD-8 के अनुसार यह सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और आगामी आदेश तक प्रभावी रहेंगे। शासन ने कई अधिकारियों को नए विभागों का प्रभार सौंपा है, जबकि कई को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर उनकी जिम्मेदारियाँ यथावत रखने के निर्देश दिए हैं।




 



कृषि, पशुधन, स्वास्थ्य, राजस्व, शिक्षा, नगरीय प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण अधिकारी बदले
जारी सूची में सबसे पहले संयुक्त सचिव राजीव अहिरे का उल्लेख है। उन्हें आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा योजना—आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग में पदस्थ किया गया है।
इसके साथ ही उप सचिव सूर्यकिरण तिवारी को कृषि विभाग और जैव प्रौद्योगिकी विभाग से मुक्त कर पशुधन विकास एवं मछली पालन विभाग में नई जिम्मेदारी दी गई है।
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के पूल से कई अधिकारियों की नई तैनाती
GAD पूल में पदस्थ अधिकारी दुर्गेश कुमार वर्मा को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का नया प्रभार सौंपा गया है।
इसी प्रकार लवीना पांडे को आदिम जाति—अनुसूचित जाति विकास विभाग एवं पिछड़ा वर्ग—अल्पसंख्यक विकास विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर पूर्ण रूप से चिकित्सा शिक्षा विभाग में तैनात किया गया है, ताकि विभागीय कार्यवाही और योजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी हो सके।




 



गृह विभाग में कई उप सचिवों के प्रभार में बदलाव
गृह विभाग से जुड़े कई अधिकारियों के प्रभार परिवर्तन भी आदेश में शामिल हैं।
श्रीकांत वर्मा को गृह विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है।
रामप्रसाद चौहान को समाज कल्याण विभाग के अतिरिक्त प्रभार से हटाया गया है, जबकि गृह विभाग में उनकी जिम्मेदारियाँ यथावत रहेंगी।
रूचि शर्मा को पर्यटन और संस्कृति विभाग के तहत गृह विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है।
नगरीय प्रशासन, खाद्य, सहकारिता और राजस्व विभाग में भी बड़ा बदलाव
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के लिए भागवत प्रसाद जायसवाल को नए तौर पर तैनात किया गया है।
सहकारिता विभाग के के.के. भूआर्य को सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-1) में भेजा गया है।
वहीं कुसुम एक्का को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग से स्थानांतरित कर गृह विभाग में नई जिम्मेदारी दी गई है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में भी अधिकारी अन्वेष धृतलहरे और विमल शांडिल्य के प्रभार में परिवर्तन हुआ है। विमल शांडिल्य को अब योजना—आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का प्रभार सौंपा गया है।
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और श्रम विभाग के पदस्थापना परिवर्तन
कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा से जुड़े अधिकारियों में भी कई बदलाव किए गए हैं।
अंकिता गर्ग को श्रम विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया।
रविन्द्र मेढ़ेकर को जल संसाधन विभाग में नई पदस्थापना दी गई है।
कश्यप कृष्ण गौतम को कौशल विकास विभाग में ही यथावत रखते हुए कार्य जारी रखने का निर्देश दिया गया है।
ऊर्जा, परिवहन, वाणिज्यिक कर और अन्य विभागों में भी प्रभार परिवर्तन
ऊर्जा विभाग में अरुण हिंगवे को पुनः ऊर्जा विभाग में पूर्ण जिम्मेदारी देने के साथ अतिरिक्त प्रभार समाप्त कर दिया गया है।
वहीं, परिवहन विभाग के अतिरिक्त प्रभार से अंशिका ऋषि पांडे, अरविंद खोब्रागढ़े और अन्य अधिकारियों को मुक्त किया गया है।
वाणिज्यिक कर विभाग के तहत:
विजया खेस्स को ग्रामोद्योग विभाग में भेजा गया है।
अंजू सिंह को वाणिज्यिक कर विभाग के अतिरिक्त प्रभार से हटाया गया।
मुख्यमंत्री सचिवालय और सुशासन विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण परिवर्तन
मुख्यमंत्री सचिवालय में कार्यरत सूरज कुमार साहू को सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अतिरिक्त प्रभार से हटाया गया है।
इसी प्रकार घनश्याम सिंह तंवर को भी अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर केवल मुख्य सचिवालय में रखा गया है।




 



कृषि और जनसंपर्क विभाग में भी नई पदस्थापना
अवर सचिव वैभव क्षेत्रज्ञ को जनसंपर्क विभाग से हटाकर कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग में भेजा गया है।
जबकि पूनम सोनी को कृषि विभाग के साथ मुख्य सचिव कार्यालय का भी मुख्य प्रभार मिला है।
कुल मिलाकर 38 अधिकारियों की नई जिम्मेदारी—गवर्नेंस में तेजी और कामकाज में पारदर्शिता का प्रयास
यह प्रशासनिक आदेश प्रदेश में सरकारी विभागों की कार्यक्षमता और बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विभागीय कार्यों में सुस्ती या असंगठन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन बदलावों को नए साल से पहले की बड़ी प्रशासनिक सर्जरी भी कहा जा रहा है, जिससे न केवल विभागीय कामकाज तेज होगा, बल्कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी गति आएगी। रायपुर मंत्रालय से जारी यह सूची राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और आने वाले दिनों में विभागीय कार्यों पर इसका सीधा असर देखने की उम्मीद है।
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