रायगढ़ में उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 14.225 टन जब्त, 4 को नोटिस
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Raigarh. रायगढ़। कलेक्टर के निर्देश पर जिले में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। आज गठित जिला निगरानी दल ने विकासखंड पुसौर में विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों पर छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान प्रधान ट्रेडर्स, पुसौर से 5 टन सिंगल सुपर फास्फेट और अग्रवाल खाद भंडार, पुसौर से 9.225 टन नीम लेपित यूरिया बिना पीओएस स्टॉक के पाए जाने पर कुल 14.225 टन उर्वरक जब्त किया गया। जब्त सामग्री को कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
विकासखंड रायगढ़ में शंकर ट्रेडिंग कंपनी, कोतरा और सेवा सहकारी समिति, बायंग को अभिलेख अपूर्ण पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसी तरह, घरघोड़ा क्षेत्र में महामाया जनरल स्टोर और अग्रवाल खाद भंडार को पीओएस एवं भौतिक स्टॉक में अंतर मिलने पर नोटिस दिया गया। उप संचालक कृषि अनिल वर्मा ने सभी निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा लगातार निगरानी और आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में सहायक संचालक कृषि हिन्द कुमार भगत, उर्वरक निरीक्षक नृपराज डनसेना, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रोहित पटेल एवं उर्वरक निरीक्षक मनीषा राठौर उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान अनियमित उर्वरक बिक्री और स्टॉक अभिलेखों की अनुपालन स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक मिले और कोई विक्रेता अनियमित लाभ न उठा सके। विभाग ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे और किसी भी दोषी को विधिवत नोटिस या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
कलेक्टर की निगरानी में हो रही इस कार्रवाई से किसानों में संतोष और सुरक्षा की भावना बढ़ी है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों की सुविधा और हित सर्वोपरि है और किसी भी तरह की अनियमितता को तुरंत रोकने के लिए टीम सतर्क रहेगी। कृषि अधिकारियों ने कहा कि उर्वरक की सही मात्रा, गुणवत्ता और स्टॉक अभिलेख का निरीक्षण नियमित रूप से किया जाएगा। उन्होंने विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि नियमों का पालन करना अनिवार्य है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या धोखाधड़ी की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस छापामार कार्रवाई के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि किसानों के हित में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विभाग किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सतर्क रहेगा।