Bilaspur. बिलासपुर। बिलासपुर शहर में 17 फरवरी को सराफा व्यवसायी महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी पर हुई जानलेवा लूटकांड का बड़ा खुलासा पुलिस ने किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपियों ने शहर में कांट्रेक्ट किलिंग का ठेका लेकर कई वारदातों की योजना बनाई थी, जिसमें होटल व्यवसायी से लूट, ज्वेलरी दुकान में सेंधमारी और भाजपा पार्षद व थोक व्यापारी बंधु मौर्य की हत्या शामिल थी।
पुलिस के अनुसार, पूरे प्रकरण का नेटवर्क शहर के एक बदमाश प्रवृत्ति युवक नारद श्रीवास से जुड़ा है। उसने अन्य आरोपियों को बीते 17 फरवरी को महालक्ष्मी ज्वेलर्स पर हमला करने और संतोष तिवारी से सोना व नकदी लूटने के लिए बुलाया। आरोपियों में विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति, विजय लाम्बा, करीम खान, मोनू उर्फ राहुल, इरफान अली, राजू सोनकर और नारद श्रीवास शामिल थे।
जांच में सामने आया कि भाजपा पार्षद बंधु मौर्य की हत्या की साजिश सबसे पहले तैयार की गई थी। आरोपी राजू सोनकर ने मौर्य के घर, व्यापार और आने-जाने का समय पुलिस को दिखाते हुए पहले 6 लाख रुपये एडवांस के तौर पर नारद श्रीवास को दिए। इसके बाद आरोपियों को बिलासपुर में सेलिब्रेशन होटल, तखतपुर और अन्य फार्महाउस में ठहराया गया। आरोपियों के पास पहले से हथियार थे, जबकि पिस्तौल विनोद प्रजापति ने मंगवाई।
17 फरवरी की रात, आरोपियों ने इको मारुति कार से संतोष तिवारी की गाड़ी को टक्कर मारी। जब तिवारी कार से बाहर आए, तो आरोपियों ने पिस्टल तानकर और हथौड़ी से हमला किया और सोना तथा नगदी लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से आरोपियों को मिर्जापुर से गिरफ्तार कर लूट का 100 प्रतिशत माल बरामद किया। आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट में बिलासपुर लाकर अदालत से रिमांड लेकर पूछताछ की गई, जिसमें हत्या और अन्य लूट की योजनाओं का खुलासा हुआ।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने अन्य वारदातों की योजना बनाई थी। इनमें एक ज्वेलरी दुकान में सेंधमारी और होटल व्यवसायी से लूट की कोशिश शामिल थी। आरोपियों ने चोरी की बाइकों और वाहन चोरी कर शहर में पहुँचने और वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। पुलिस ने बरामद की गई संपत्ति में 5 लाख 33 हजार रुपये नगद, 6 धारदार चाकू, 1 देशी कट्टा, 1 जिंदा कारतूस, 6 मोबाइल और तीन वाहन – मारुति इको, रेनॉल्ट क्विड और महिंद्रा स्कार्पीयो शामिल हैं।
इस प्रकरण ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क और अपराध के तार जांच के दौरान पूरी तरह सामने आए हैं। पुलिस मामले की आगे की विवेचना कर रही है और अन्य संभावित साजिशों में शामिल व्यक्तियों की भी पहचान कर रही है।
पुलिस ने बताया कि घटना के तार शहर के अपराधी नारद श्रीवास से जुड़े हुए हैं, जिन्होंने विनोद प्रजापति, विजय लाम्बा, गगनदीप, आमिर समेत अन्य आरोपियों को बुलाया। आरोपियों ने बिलासपुर आने से पहले मैनपाट से मोटरसाइकिल चोरी की और चार पहिया वाहन के रूप में अकलतरा से मारुति इको गाड़ी चोरी की।
इस पूरे प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी हैं:
विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति, पिता शिवलाल, उम्र 33 वर्ष, जमुना कॉलरी, अनूपपुर (एमपी)
करीम खान, पिता वसीम, उम्र 23 वर्ष, चकमहमूद सकलेन नगर, बरादरी (यूपी)
विजय लाम्बा, पिता रामलाल, उम्र 52 वर्ष, चंदन नगर, नई दिल्ली
मोनू उर्फ राहुल उर्फ गुडवा, पिता सुंदर, उम्र 32 वर्ष, सोरखा, गौतम बुद्ध नगर
इरफान अली, पिता अकरम अली, उम्र 32 वर्ष, झलमला, सीपत (बिलासपुर)
नारद उर्फ सुमित श्रीवास, पिता गोपी श्रीवास, उम्र 42 वर्ष, 27 खोली, सिविल लाइन (बिलासपुर)
राजू सोनकर, पिता ललंदर सोनकर, उम्र 38 वर्ष, चिंगराजपारा, बिलासपुर
पुलिस ने बताया कि प्रकरण की जांच अभी जारी है और अन्य संभावित अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले से शहर में सुरक्षा व्यवस्था, सराफा व्यवसायियों और आम नागरिकों में सतर्कता बढ़ गई है।