कौशल विकास केंद्र के लाइसेंस के नाम पर लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2025-10-15 17:49 GMT
Baloda Bazar. बलौदाबाजार। जिले में कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र का लाइसेंस दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने देवनाथ वर्मा (34 वर्ष) निवासी ग्राम सूरजपुरा, थाना भाटापारा ग्रामीण को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर दो साल तक पीड़ित को झांसा देकर 2,06,000 रुपये की ठगी करने का आरोप है। शिकायतकर्ता राजकुमार वलेचा ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि देवनाथ वर्मा ने 4 दिसंबर 2022 से 3 जून 2024 के बीच बलौदाबाजार और भाटापारा क्षेत्र में कौशल विकास केंद्र खोलने के लिए लाइसेंस दिलाने का वादा किया।

इस दौरान आरोपी ने विभिन्न बार भुगतान के बहाने फोन-पे और नकद के माध्यम से कुल 2,06,000 रुपये प्राप्त किए। जब लाइसेंस नहीं मिला और शिकायतकर्ता ने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपी ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश पर सिटी कोतवाली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। आरोपी को हिरासत में लिया गया और पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान देवनाथ वर्मा ने लाइसेंस दिलाने के बहाने ठगी करने की बात स्वीकार की। 15 अक्टूबर 2025 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 998/2025, धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

पुलिस की कार्रवाई और पूछताछ का विवरण
सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के साथ विस्तृत पूछताछ की। आरोपी ने कहा कि उसने शुरुआत में कौशल विकास केंद्र का लाइसेंस दिलाने का झांसा दिया और समय-समय पर पैसे प्राप्त करता रहा। वह स्वीकार करता है कि उसने जानबूझकर शिकायतकर्ता को दो साल तक भ्रमित किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अलग-अलग तरीकों से भुगतान लेने के लिए फोन-पे और नकद लेनदेन का उपयोग किया। इस प्रकार की धोखाधड़ी में अक्सर समय लेकर पीड़ितों को उलझाया जाता है, जिससे आरोपी को लंबे समय तक बचने का मौका मिलता है।

पीड़ित का बयान
शिकायतकर्ता राजकुमार वलेचा ने पुलिस को बताया कि उसने देवनाथ वर्मा पर पूर्ण भरोसा किया और समय-समय पर लाइसेंस के लिए पैसे जमा किए। उन्हें भरोसा था कि आरोपी जल्द ही लाइसेंस दिला देगा, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। लगातार टालमटोल के बाद ही उन्हें समझ आया कि यह धोखाधड़ी है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने इस मामले में शीघ्र कार्रवाई का निर्देश दिया और कहा कि ऐसे धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस पूरी तत्परता के साथ जांच करती है। उनका कहना है कि जिले में किसी भी प्रकार की आर्थिक
धोखाधड़ी
को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानून के तहत दंडित किया जाएगा। सिटी कोतवाली पुलिस आरोपी से और भी सबूत जुटा रही है। उन्होंने बताया कि मामले में अन्य पीड़ितों की भी तलाश की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि क्या आरोपी ने इसी तरह की अन्य धोखाधड़ी भी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी ने ऐसे मामलों में पैसे दिए हैं और अब धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं, तो वे पुलिस से संपर्क करें।
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